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वैश्विक व्यापार असंतुलन दूर करने के लिए डब्ल्यूटीओ के नियमों का पालन जरूरी: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
वैश्विक व्यापार असंतुलन दूर करने के लिए डब्ल्यूटीओ के नियमों का पालन जरूरी: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल

अमरीका के मिलवॉकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन पर भारत ने वैश्विक व्यापार में असंतुलन दूर करने के लिए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का पालन करने पर जोर दिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कुछ देशों में सरकार की मदद से जरूरत से ज्यादा उत्पादन हो सकता है। इससे दूसरे देशों के बाजारों में सामान बहुत कम कीमत पर बेचा जा सकता है और डंपिंग की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए डब्ल्यूटीओ के नियमों के तहत एंटी-डंपिंग शुल्क और अन्य जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।

श्री गोयल ने कहा कि ज्यादा उत्पादन अपने आप में समस्या नहीं है। समस्या तब होती है, जब छिपी हुई सरकारी मदद या सब्सिडी के कारण किसी देश में उत्पादन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि उत्पादन और सप्लाई चेन को अलग-अलग देशों में फैलाना जरूरी है। लेकिन इसके नाम पर डब्ल्यूटीओ के नियमों से बाहर जाकर कदम नहीं उठाए जाने चाहिए।

श्री गोयल ने कहा कि विकासशील देशों को अपने उद्योग और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए जरूरी नीतियां बनाने की आजादी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। भारत की अर्थव्यवस्था 140 करोड़ से ज्यादा लोगों की घरेलू मांग पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत डिजाइन से लेकर तैयार सामान तक पूरी उत्पादन श्रृंखला विकसित कर रहा है और वैश्विक सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद भागीदार बन रहा है। श्री गोयल ने कहा कि भारत की उत्पादन क्षमता घरेलू और वैश्विक जरूरतों को पूरा करती है और जी-20 में बताए गए क्षेत्रों में भारत के पास जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता नहीं है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।