वैश्विक व्यापार से US प्रतिबंध तक..., PM मोदी-पुतिन और पेजेश्कियान की बैठक से ट्रंप को कड़ा संदेश!
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नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले शुक्रवार (11 सितंबर, 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन की बैठक में भाग लिया.
इस बैठक के जरिए पीएम मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और पेजेश्कियान ने वैश्विक व्यापार से लेकर अमेरिकी प्रतिबंध के मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ा संदेश दिया है.
तीनों देशों के नेताओं ने बैठक में बड़े आर्थिक सहयोग, व्यापार के लिए सुरक्षित रास्तों और स्थानीय कैरेंसी के व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया.
यह टिप्पणियां वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के डोमिनेंस को चुनौती देने के ब्रिक्स देशों की कोशिशों और उस पर अमेरिका की बढ़ती आलोचनाओं के बीच आईं है.
इससे मौजूदा ग्लोबल फाइनेंसियल ऑर्डर के दूसरे विकल्पों को मजबूत करने की ब्रिक्स समूह की महत्वाकांक्षाओं का साफ संदेश मिलता है.
भारत नौवहन की आजादी और नाविकों की सुरक्षा का समर्थक- PM मोदी
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित समुद्री रास्तों और सप्लाई रूट्स के महत्व पर जोर दिया.
उन्होंने कहा, वैश्विक व्यापार में प्रगति तभी मुमकिन है, जब समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, सप्लाई रूट्स खुले रहें और सारे नाविक सुरक्षित हों.
इसीलिए भारत फ्रीडम ऑफ नेविगेशन यानी नौवहन की आजादी और नाविकों की सुरक्षा का प्रबल समर्थक है.
#WATCH | Delhi: At Leaders' Session of BRICS Business Forum, PM Narendra Modi says, "Global trade progress is possible only when sea lanes are secure, supply routes remain open, and seafarers are safe
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के प्रारम्भ से पहले, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में भाग लिया। इस बैठक का मुख्य विषय वैश्विक व्यापार और अमेरिकी प्रतिबंधों पर चर्चा थी, जहाँ तीनों नेताओं ने ट्रम्प प्रशासन को कड़ा संदेश दिया। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएँ संयुक्त रूप से पश्चिमी आर्थिक दबावों का सामना करने का प्रयास कर रही हैं। आम जनता पर