वक्त पर भरा ITR, तब भी क्यों मिल सकता है आयकर का नोटिस?

ITR Filing: अगर आपने 31 जुलाई की डेडलाइन से पहले अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर दिया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि अब आपको आयकर विभाग की ओर से कोई नोटिस नहीं मिल सकता. समय पर आईटीआर फाइल करना जरूरी है, लेकिन विभाग रिटर्न में दी गई जानकारी का मिलान अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाले डेटा से भी करता है. ऐसे में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर टैक्सपेयर्स से सफाई मांगा जा सकता है.
आयकर विभाग आईटीआर में घोषित आय और फॉर्म 16, AIS, टीडीएस रिकॉर्ड और दूसरी जानकारियों के बीच मिलान करता है. अगर इन आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है, तो समय पर रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्ति को भी नोटिस मिल सकता है.
1.आय और विभाग के रिकॉर्ड में अंतर
नोटिस आने की सबसे बड़ी वजहों में से एक आय में गड़बड़ी है. अगर आपकी आईटीआर में बताई गई सैलरी और कर्मचारी के फॉर्म 16 में दर्ज सैलरी अलग है, तो विभाग आपसे अंतर की वजह पूछ सकता है.
कितना बड़ा है विमल का कारोबार, जिसका एड करते हैं शाहरुख और अजय देवगन?
2.टीडीएस में गड़बड़ी
अगर आपने आईटीआर में जिस टीडीएस का क्रेडिट क्लेम किया है, वह फॉर्म 26AS या विभाग के रिकॉर्ड में अलग दिखाई देता है, तो भी नोटिस आ सकता है. ऐसा तब हो सकता है जब आपने ने टीडीएस रिटर्न सही तरीके से दाखिल नहीं किया हो, उसमें कोई गलती हो या बाद में सही किया गया हो और उसका डेटा अभी आपके रिकॉर्ड में अपडेट नहीं हुआ हो. इसलिए आईटीआर भरने करने से पहले फॉर्म 26AS और AIS में टैक्स की डिटेल्स को चेक करना बेहद जरूरी है.
3.गलत कटौती या छूट
समय पर आईटीआर दाखिल करने के बाद भी अगर आपने गलत कटौती या छूट क्लेम किया है, तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है. मसलन, अगर आपने कोई कटौती क्लेम किया है लेकिन उसके समर्थन में जरूरी दस्तावेज या पात्रता नहीं है, तो विभाग उस क
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar