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वाल्मीकि आश्रम जाएंगे मुख्यमंत्री, आदिकवि को अर्पित करेंगे श्रद्धा-सुमन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 25 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
वाल्मीकि आश्रम जाएंगे मुख्यमंत्री, आदिकवि को अर्पित करेंगे श्रद्धा-सुमन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाल्मीकि जयंती पर सोमवार को बिठूर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री यहां वाल्मीकि आश्रम में रामायण पाठ व पूजा में शामिल होंगे और महर्षि वाल्मीकि को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे। मान्यता है कि इसी आश्रम में महाकाव्य रामायण की रचना हुई और माता सीता को आश्रय मिला था। यहीं भगवान श्रीराम के पुत्रों लव-कुश का जन्म हुआ। मुख्यमंत्री इस अवसर पर बिल्हौर व बिठूर विधानसभा क्षेत्रवासियों को 411 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। वह विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी करेंगे।

योगी सरकार महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की विरासत को संरक्षित करने और त्रेता युगीन परंपरा को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ उनसे जुड़े पौराणिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है।

इसी क्रम में 'रामायण सर्किट' और 'राम वन-गमन पथ' के तहत अयोध्या, चित्रकूट व इटावा आदि में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। पर्यटन विभाग का महर्षि वाल्मीकि से जुड़े धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाने पर जोर है। योगी सरकार विभिन्न परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर 'आदिकवि' महर्षि वाल्मीकि की विरासत सहेजने के साथ सांस्कृतिक पर्यटन को भी विस्तार दे रही है।

योगी सरकार 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती भी मनाएगी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में रामायण से जुड़े अनेक धार्मिक स्थल हैं। प्रदेश सरकार 'रामायण सर्किट' और 'राम वन गमन पथ' के माध्यम से इन स्थलों के संरक्षण, विकास और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महर्षि वाल्मीकि से जुड़े धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। चित्रकूट इसका जीता-जागता उदाहरण है। वाल्मीकि समुदाय उनकी जयंती को 'प्रकट दिवस' के रूप में मनाता है।

'आदिकवि' से जुड़े स्थलों को मिल रहा वैभव उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों को संवारकर धार्मिक पर्यटन को विस्तार दे रहा है। चित्रकूट के लालापुर स्थित वाल्मीकि आश्रम पर विशेष फोकस है। यहां 19.95 लाख रुपये से 12.5 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है, जबकि आश्रम के विकास पर 184.95 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

आश्रम के निकट 1120.79 लाख रुपये से पर्यटन सुविधा केंद्र का निर्माण भी लगभग पूरा है। वित्त वर्ष 2025-26 में लालापुर के प्राचीन हनुमान मंदिर के विकास, तमसा गंगा नदी पर वाल्मीकि घाट निर्माण और आश्रम में परिक्रमा पथ व आरती स्थल के विकास के लिए क्रमशः 166.24 लाख, 905.08 लाख और 525.77 लाख रुपये की परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।

इसके अलावा अयोध्या स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम के पर्यटन विकास के लिए 107.48 लाख रुपये और इटावा के बेला गांव स्थित प्राचीन वाल्मीकि मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 83.17 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं से महर्षि वाल्मीकि की विरासत के संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा। योजनाओं के पूरा होने के बाद आगंतुकों को बेहतर आवागमन सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।