अपराध

वन पट्टे की फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत, वनरक्षक गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
वन पट्टे की फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत, वनरक्षक गिरफ्तार

बांसवाड़ा में ACB ने वन नाका तलवाड़ा के वनरक्षक भूपेश पाटीदार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि वन पट्टा पत्रावली आगे बढ़ाने के बदले 6 हजार रुपये मांगे गए थे, बाद में 5 हजार रुपये में सहमति बनी।

बांसवाड़ा, 1 अक्टूबर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की बांसवाड़ा इकाई ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए वन नाका तलवाड़ा, वन रेंज गढ़ी में तैनात वनरक्षक भूपेश पाटीदार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

ACB के अनुसार परिवादी वन विभाग के क्षेत्र के बाहरी हिस्से की वन भूमि पर लंबे समय से कृषि कार्य कर रहा था। उक्त भूमि के संबंध में वन विभाग की ओर से पट्टे के लिए सत्यापन कर पत्रावली तैयार कर आगे भेजी जा रही थी। आरोप है कि वन पट्टा पत्रावली आगे बढ़ाने और फाइल देने के बदले वनरक्षक की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही थी।

शिकायत मिलने के बाद ACB ने रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी ने पट्टा फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 6 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। परिवादी के निवेदन के बाद आरोपी 5 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ।

इसके बाद उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण में ACB बांसवाड़ा इकाई के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी भूपेश पाटीदार को परिवादी से 5 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

ACB की ओर से आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी से पूछताछ के साथ उसके निवास की तलाशी भी ली जा रही है। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।

ACB अधिकारियों ने आमजन से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें सामने आने पर निर्धारित माध्यमों से सूचना देने की अपील की है। ACB की ओर से टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 94135-02834 उपलब्ध कराई गई है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर वनरक्षक भूपेश पाटीदार द्वारा वन पट्टे की फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत लेने के आरोप पर आधारित है, जिसे बांसवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गिरफ्तार किया। वन पट्टा प्रक्रियाएँ भूमि उपयोग और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं, और उनके अनुचित संचालन से पर्यावरणीय एवं आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस घटना की रिपोर्ट से जनता को यह स्पष्ट होता है कि सरकारी अधिकारियों में भी भ्रष्टाचार की संभावना है, जिससे विश्वास पर असर पड़ता है। इसके अलावा, यह केस दिखाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई स

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

रिश्वत की चुपचाप बढ़ती लहरें समाज की शुद्धता को डुबो देती हैं। जब वनरक्षक भी भ्रष्टाचार के जाल में फँसते हैं, तो यह हमें याद दिलाता है कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह कानून को अपनाए, न कि उसे तोड़े। हमें अपने अधिकारों के लिए कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए, न कि गुप्त सौदों पर निर्भर। इस घटना से प्रेरित होकर, समाज को पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि प्रकृति और मानव दोनों की रक्षा हो सके।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।