वंदे मातरम विवाद: माफी मांगें सोनिया, बंकिम चंद्र के वंशज ने लिखा पत्र

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस हेडक्वार्टर पर हुए राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन के समय कांग्रेस की सीनियर नेता सोनिया गांधी के हाव-भाव को लेकर उपजे कथित विवाद पर अब नैहाटी से बीजेपी विधायक और ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने पत्र लिखकर इस पूरे मामले पर गहरा दुख जताया है. इस दौरान उन्होंने भारत के लोगों समेत पश्चिम बंगाल के नागरिकों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग सोनिया गांधी से की है.
मामला शनिवार 15 अगस्त का है. इस पूरे विवाद को हवा तब मिली, जब कांग्रेस के मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में वंदे मातरम के बीच सोनिया गांधी कुछ कहने लगीं. आरोप लगे कि उन्होंने वंदे मातरम के गायन को रोकने के निर्देश दिए. हालांकि, इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस ने बयान दिया है कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष (जो बहुत देर से खड़े थे) उनके लिए कुर्सी का इंतजाम करने को कहा था.
सुमित्रो चटर्जी बोले- घटनाएं सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बल्कि...
पश्चिम बंगाल की नॉर्थ 24 परगना जिले की नैहाटी सीट से बीजेपी विधायक सुमित्रो चटर्जी ने अपने पत्र में गहरी नाराजगी जताते हुए कहा, 'जब पूरा देश मातृभूमि की पूजा में लगा हुआ था, तब ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में हुईं घटनाएं सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक गलती को बशर्मी से दोहराना थीं.'
उन्होंने कहा, 'जब कांग्रेस कार्यकर्ता वंदे मातरम का पूरा वर्जन गा रहे थे, तो सोनिया गांधी की साफ दिख रही बेचैनी, नाराजगी और उसे रोकने की बार-बार की कोशिशों से उन्हें बहुत दुख हुआ. एक आम भारतीय नागरिक, एक देशभक्त और सबसे बढ़कर ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार का सीधा वंशज होने के नाते, मैं आज गहरे दुख, खालीपन और पीड़ा के साथ यह पत्र लिख रहा हूं.'
चटर्जी ने अपने पत्र में इस गीत के राष्ट्रीय महत्व का जिक्र करते हुए अरबिंदो का हवाला देते हुए कहा, 'यह मंत्र दिया गया और एक ही दिन में पूरा देश देशभक्ति के धर्म में दीक्षित हो गया. अरबिंदो ने इसे सिर्फ
📡 स्रोत: ABP Live