देश

वंदेमातरम के 150 वर्ष पर गूंजा राष्ट्रवाद, अटल सभागार में उमड़ा देशभक्ति का भाव

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
वंदेमातरम के 150 वर्ष पर गूंजा राष्ट्रवाद, अटल सभागार में उमड़ा देशभक्ति का भाव

वंदेमातरम के 150 वर्ष पर गूंजा राष्ट्रवाद, अटल सभागार में उमड़ा देशभक्ति का भाव कलराज मिश्र ने राष्ट्रगीत को बताया आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास का मंत्र, असीम अरुण बोले- राष्ट्र निर्माण के साथ कानून का सम्मान जरूरी मेरठ, 19 अगस्त।

वंदेमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को संस्कृति मंत्रालय और राधेश्याम चैरिटेबल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में ‘वंदेमातरम’ स्मरणोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। पूरा सभागार वंदेमातरम के उद्घोष और राष्ट्रभक्ति के भाव से सराबोर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण पर आधारित मनोहारी प्रस्तुति से हुआ।

प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री एवं मेरठ के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने वंदेमातरम के उद्घोष के साथ अपना संबोधन शुरू किया।

राष्ट्रगीत के सम्मान के साथ कानून और राष्ट्र निर्माण सर्वोपरि : असीम अरुण असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार राष्ट्रगीत के सम्मान के साथ कानून व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर काम कर रही है।

उन्होंने युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि बदलाव जरूरी है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम केवल अतीत की गौरवगाथा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के भारत के निर्माण की प्रेरणा है।

प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने पर जोर दिया।

वंदेमातरम पवित्र मंत्र, जिसने जगाई राष्ट्र चेतना : कलराज मिश्र पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि मेरठ क्रांतिकारियों की धरती है और वंदेमातरम ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में राष्ट्रवादी चेतना जगाने का काम किया।

उन्होंने इसे पवित्र मंत्र बताते हुए कहा कि इसके उद्घोष ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष के संकल्प को मजबूत किया। कलराज मिश्र ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदेमातरम के माध्यम से भारत माता के संपूर्ण स्वरूप का चित्रण किया। उनके अनुसार वंदेमातरम के प्रत्येक छंद में नागरिक कर्तव्यों का संदेश भी निहित है।

उन्होंने राष्ट्रगीत को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास का मंत्र बताया। क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा बने बंकिम चंद्र के शब्द राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम वंदेमातरम के ऐतिहासिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है।

उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के शब्द स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा बने और अनेक क्रांतिकारियों ने शहादत के समय भी वंदेमातरम का उद्घोष किया। युवा वंदेमातरम को जीवन का संकल्प बनाएं : कुलपति चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.

संगीता शुक्ला ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदेमातरम ने क्रांतिकारियों में जोश और राष्ट्रभक्ति की भावना पैदा की। इसकी 150वीं वर्षगांठ मनाना गौरव का विषय है। उन्होंने युवाओं से वंदेमातरम को अपने जीवन का संकल्प बनाने का आह्वान किया।

नगर निगम का नया भवन भी कहलाया वंदेमातरम हॉल महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि देश के सैनिक दुश्मनों का मुकाबला करते समय वंदेमातरम का उद्घोष करते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम के नए भवन का नाम ‘वंदेमातरम हॉल’ रखा गया है।

राधेश्याम चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव सौरभ त्रिपाठी ने कहा कि वंदेमातरम का प्रत्येक शब्द देशवासियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और राष्ट्र के प्रति समर्पण व चेतना का प्रतीक है।

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष हरवीर पाल , महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी , पूर्व विधायक रविंद्र भड़ाना सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।