वांगचुक ने सीजेपी के विदेशी कनेक्शन के आरोप खारिज किए:बोले- 94% फॉलोअर्स भारत से, जांच के लिए तैयार, विदेशी फंडिंग नहीं मानी
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कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने समर्थन वाले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन आंदोलन से किसी भी विदेशी कनेक्शन के आरोप खारिज किए हैं। उन्होंने कहा कि उनका फैसला उपलब्ध डेटा, आंदोलन के सदस्यों से बातचीत और जमीन पर दिखी स्थिति के आधार पर था। वांगचुक ने यह बात पत्रकार प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट में कही।
उनसे आंदोलन की फंडिंग और पाकिस्तान समेत दूसरे देशों से कथित कनेक्शन को लेकर सवाल पूछे गए थे। जून से जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों में वांगचुक अहम हिस्सा थे। इन प्रदर्शनों के बाद जुलाई में परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।
प्रदर्शनकारियों के समर्थन में वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। वांगचुक से पूछा- क्या आप सीआईए हैं प्रखर गुप्ता ने वांगचुक से पूछा, “क्या आप सीआईए हैं? मुझे नहीं पता कि इसका और कैसे जवाब दूं। लेकिन यह वही काम है, जो कोई सीआईए का व्यक्ति करता है।
बहुत ज्यादा परिष्कृत तरीके से…” वांगचुक ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “अगर मैं हूं, तो मुझे अभी तक इसका पता नहीं चला है।
हो सकता है कि वे लोगों को इतनी परिष्कृत तरीके से नौकरी पर रखते हों कि उस व्यक्ति को अपनी मौत के 500 साल बाद तक भी इसका पता न चले।” 94% फॉलोअर्स भारत से होने का दावा सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके की शिक्षा संबंधी योग्यता और पाकिस्तान, बांग्लादेश या अमेरिका से कथित संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर वांगचुक ने कहा कि उन्होंने खुद कोई विस्तृत जांच नहीं की थी।
उन्होंने कहा, “मैंने कोई परिष्कृत रिसर्च सॉफ्टवेयर नहीं चलाया था।” जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका आकलन उन्हें दिखाए गए डेटा पर आधारित था, तो उन्होंने कहा कि ऐसा ही था। वांगचुक ने बताया, “हां, यह डेटा था।
हमारे अधिकारी, जिनमें उपराज्यपाल भी शामिल हैं, कह रहे थे कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अमेरिका में उनके बहुत ज्यादा फॉलोअर्स हैं। मुझे इसके बारे में पता नहीं था। इसलिए मैंने उनके फॉलोअर्स का एनालिटिक्स देखा।
पता चला कि उनके 94% फॉलोअर्स भारत से थे और केवल 6% दूसरे देशों से।” ‘6% विदेशी फॉलोअर्स को हाई रिस्क नहीं माना’ वांगचुक ने कहा, “मैंने मजाक में सोचा कि भारत वास्तव में विश्वगुरु है। भारत ने इसकी शुरुआत की और अब पाकिस्तान में भी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बन र
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
वांगचुक ने सीजेपी के विदेशी कनेक्शन के आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि 94% फॉलोअर्स भारत से हैं और आंदोलन की फंडिंग पूरी तरह घरेलू है। यह विषय राजनीतिक पारदर्शिता और विदेशी हस्तक्षेप के संदेह से जुड़ा है, जो चुनावी और सामाजिक विश्वास को प्रभावित कर सकता है। इस खबर का महत्व इस बात में है कि यह सीजेपी की वैधता और राष्ट्रीय हितों के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालती है। यदि फॉलोअर्स और फंडिंग वास्तव में घरेलू हैं, तो जनता को यह आश्वासन मिलेगा कि आंदोलन में बाहरी दबाव नहीं है, जिससे राजनीतिक स्थिर