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वन्यजीव सप्ताह में तस्वीरों से दिखी हाड़ौती की वन्य संपदा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
वन्यजीव सप्ताह में तस्वीरों से दिखी हाड़ौती की वन्य संपदा

कोटा में वन्यजीव सप्ताह के तहत फोटो और औषधीय पौधों की प्रदर्शनी में वन्यजीव प्रेमियों व विद्यार्थियों की भीड़ उमड़ी। बाघ, तेंदुए, भालू, गोडावण समेत वन्यजीवों की तस्वीरों के जरिए संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।

कोटा, 5 अक्टूबर। वन विभाग की ओर से आयोजित वन्यजीव सप्ताह के तहत शहर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आर्ट गैलरी में वन्यजीव फोटो प्रदर्शनी और औषधीय पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी, वन्यजीव प्रेमी और विद्यार्थी पहुंच रहे हैं।

प्रदर्शनी में हाड़ौती के 25 श्रेष्ठ फोटोग्राफरों द्वारा खींची गई वन्यजीवों और प्राकृतिक स्थलों की सैकड़ों आकर्षक तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। इनमें बाघ, तेंदुआ, भालू, चिंकारा, मगरमच्छ, गोडावण सहित विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों और क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों की तस्वीरें लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

प्रदर्शनी में विभिन्न प्रजातियों के औषधीय पौधे भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनके माध्यम से लोगों को वनस्पतियों के महत्व और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

वन्यजीव सप्ताह के दौरान आमजन और विद्यार्थियों में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहर के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। वन विभाग का उद्देश्य लोगों को वन्यजीवों के महत्व से अवगत कराते हुए उनके संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाना है।

Bite -1- एच.ए.जैदी, पक्षी प्रेमी व छायाकार

Bite -2- डॉ. सुधीर गुप्ता, वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट

Bite -3- फिरोज खान, पर्यावरण प्रेमी

Bite -4- अशोक कुमार शर्मा,दर्शक पर्यावरण प्रेमी

Bite -5- पृथ्वीपाल सिंह, औषधि विशेषज्ञ वन विभाग

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।