वाराणसी की कल की 10 बड़ी खबरें:काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO का ट्रांसफर; पायलट बोला- फ्लाइट नहीं उड़ाऊंगा, कान में दर्द है
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →नमस्कार, वाराणसी की कल (सोमवार) की बड़ी खबरें...
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) विश्व भूषण मिश्र का करीब दो साल बाद तबादला कर दिया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) में उपसचिव की जिम्मेदारी दी गई है। पायलट ने फ्लाइट उड़ाने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि मेरे कान में दर्द है।
इसलिए फ्लाइट नहीं ले जाऊंगा। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें... 1: वाराणसी एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट उड़ाने से पायलट का इनकार:एविएशन से बोला- कान दर्द हो रह वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को पायलट ने फ्लाइट उड़ाने से इनकार कर दिया। पायलट ने कान में दर्द और तबियत खराब होने की बात कहते हुए विमान पर जाने से मना कर दिया।पढ़ें पूरी खबर 2: काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO का ट्रांसफर:UPSSSC में उपसचिव की मिली जिम्मेदारी, मंदिर में भीड़ कंट्रोल के लिए बनाई थी SOP श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) विश्व भूषण मिश्र का करीब दो साल बाद तबादला कर दिया गया है।
उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) में उपसचिव की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, मंदिर न्यास के नए CEO की घोषणा अभी नहीं हुई है। पढ़ें पूरी खबर 3: ऋतेश्वर महाराज ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए:देश में सुख-शांति की कामना की, बोले - ज्ञानवापी हिंदुओं को सौंपने से आपसी सौहार्द बढ़ेगा सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
उन्होंने बाबा विश्वनाथ से देश में सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि काशी भगवान शिव की नगरी है। पढ़ें पूरी खबर 4: वाराणसी में बढ़ी उमस, अगले 3-4 दिन बारिश नहीं:गंगा का जलस्तर 20 सेंटीमीटर घटा, घाटों पर लगा सिल्ट का अंबार वाराणसी में बारिश का दौर थमने के बाद उमसभरी गर्मी बढ़ने लगी है।
सोमवार को शहर का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा करीब 6 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है और वातावरण में नमी 78% है।पढ़ें पूरी खबर 5: काशी में तिलक ने पहला गणेशोत्सव शुरू कराया था:वीर शिवाजी के खास आंग्रे सरदार के बाड़े में स्थापित की मूर्ति, 129 साल में नहीं बदला स्वरुप धर्म की नगरी काशी में महादेव के जयकारे साल भर लगते हैं, लेकिन गणेशोत्सव के शुरू होते ही विशेश्वर की नगरी में उनके पुत्र प्रथमेश के जयकारे से शहर गूंज उठता है।
वाराणसी में कई समितियों में गणेश चतुर्थी के दिन गणपति की प्रतिमा बैठाई जाएगी। पढ़ें पूरी खबर 6: वाराणसी में कैंट जीआरपी ने पकड़ा शातिर चेन स्नेचर:खिड़की के पास बैठी महिलाएं होती थीं टारगेट, 50100 रुपए नकद और गोल्ड चेन बरामद वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन की पुलिस ने शरीर चेन स्नेचर को गिरफ्तार किया है।
यह ट्रेनों की खिड़कियों पर बैठी महिलाएं और लड़कियों को टारगेट कर ट्रेन चलने पर चेन खींचकर फरार हो जाता था। जीआरपी ने उसके पास से 50 हजार 100 रुपए नकद और एक गोल्ड चेन बरामद किया है। पढ़ें पूरी खबर 7: काशी ने हिंदी को दी नई पहचान:106 साल पहले BHU से शुरू हुआ हिंदी PG, मालवीय जी ने कचहरियों में दिलाई देवनागरी को जगह जब देशभर में हिंदी दिवस पर हिंदी की समृद्ध परंपरा और उसके विकास की चर्चा हो रही है, तब काशी का नाम प्रमुखता से सामने आता है।
काशी और आधुनिक हिंदी का रिश्ता करीब तीन सदियों से लगातार मजबूत होता आया है।पढ़ें पूरी खबर 8: वाराणसी में 17 सितंबर को लोलार्क कुंड का स्नान:3 किलोमीटर लंबी की गई बैरिकेडिंग, संतान प्राप्ति के लिए महिलाएं पति संग करेंगी स्नान काशी में लोलार्क षष्ठी पर्व को लेकर भदैनी स्थित प्राचीन लोलार्क कुंड पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
17 सितंबर को पड़ने वाली लोलार्क षष्ठी के लिए 16 सितंबर की मध्यरात्रि के बाद से कुंड में श्रद्धालुओं का स्नान शुरू होगा।पढ़ें पूरी खबर 9: BHU की व्यवस्थाओं पर ABVP की नाराजगी:बोले- चीफ प्राक्टर का रवैया जिम्मेदाराना नहीं,डार्क स्पॉट पर लाइट और सीसीटीवी लगाने की उठाई मांग काशी हिंदू विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अनियमितताओं, सुरक्षा व्यवस्था और छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
अभाविप की बीएचयू इकाई ने विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए प्रशासन से सात दिनों के भीतर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।पढ़ें पूरी खबर 10: स्वामी माधवप्रियदास बोलें- स्वराज्य के लिए स्वबोध जरूरी:अपनी भाषा-संस्कृति पर हो गर्व; संस्कृत विश्वविद्यालय में ग्रंथ का लोकार्पण हिंदी दिवस पर सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘स्वराज्य, स्वबोध और भारतीय भाषाओं की भूमिका’ विषय पर विशेष व्याख्यान और विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य वक्ता स्वामीनारायण गुरुकुल विश्वविद्यालय प्रतिष्ठानम्, गुजरात के अध्यक्ष एवं वेदान्ताचार्य स्वामी माधवप्रियदास ने कहा कि स्वराज्य केवल राजनीतिक आजादी नहीं है, बल्कि अपनी भाषा, संस्कृति, इतिहास और ज्ञान परंपरा की समझ भी इसका हिस्सा है। पढ़ें पूरी खबर
📡 स्रोत: NewsData.io