वाराणसी स्नातक-शिक्षक MLC चुनाव में नारीवंदन भाजपा की असल परीक्षा:काशी की महिला प्रत्याशी से देशभर में संदेश, लालकिले से PM ने की अपील
यूपी में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है। यूपी की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव में वाराणसी सीट पर पूरे देश की नजर है, जिसमें महिला प्रत्याशियों को भागीदारी देने की कवायद जारी है। सदन में नारीवंदन अधिनियम बिल लाकर उसे लागू कराने के लिए जुटी भाजपा की यह पहली परीक्षा होगी। पीएम के संसदीय क्षेत्र में महिला प्रत्याशी उतारकर देश भर में संदेश देने की कोशिश करेगी। बता दें कि पिछले चुनाव में भाजपा वाराणसी की स्नातक और शिक्षक की दोनों सीटों को हार गई थी, अब संगठन नए चेहरे को उतारने की तैयारी में है। वहीं, जीती सीटों पर पहले ही घोषणा कर चुकी है। सपा ने दोनों जीते उम्मीदवारों पर फिर दांव लगाया है। महिलाओं को 33% आरक्षण देने का ऐतिहासिक कानून नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का ऐतिहासिक कानून है। सितंबर 2023 में पारित इस कानून की असली परीक्षा एमएलसी चुनाव टिकट में होगी। अधिनियम को सदन में लाने के बाद पीएम मोदी ने वाराणसी में रैली कर महिलाओं को अधिकार देने का वादा किया था। जिसमें प्रत्येक चुनाव में जनप्रतिनिधि बनाकर सदन भेजने की बात कही थी। अब पीएम के संसदीय क्षेत्र की महिलाएं इस वादे की कसौटी तलाश रही है। स्नातक सीट पर लगभग 3 लाख से अधिक मतदाता हैं देश के प्रधानमंत्री की संसदीय सीट वाराणसी में स्नातक और शिक्षक एमएलसी अभी सपा के खाते हैं। स्नातक सीट पर लगभग 3 लाख से अधिक मतदाता हैं। वहीं, शिक्षक चुनाव में 35 हजार वोटर मताधिकार का प्रयोग करेंगे। स्नातक सीट पर महिला वोटरों की संख्या में एक लाख से अधिक है। वहीं 8 हजार महिला शिक्षक भी वोटर हैं। इस सीट को प्रदेश की अन्य सीटों की तुलना में महिला मतदाता बाहुल्य माना जाता है। इस क्षेत्र में आठ जिलों की भागीदारी होगी, जिसमें 5 जिलों में भाजपा कमजोर स्थिति में है। वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र और बलिया जिले के मतदाता शामिल हैं। पीएम ने की थी चुनाव में महिला आरक्षण की वकालत 28 अप्रैल 2026 को काशी के बीएलडब्ल्यू मैदान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाल महिला सम्मेलन किया था, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं के अधिकारों की बात पर महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकट मोचन की शक्ति और मां गंगा की का जिक्र करते हुए भारत की नारी शक्ति की भूमिका को प्रोत्साहित किया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह एक नए युग की शुरुआत के लिए माताओं-बहनों का आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए महिला आरक्षण को लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इसके बाद सभी को पंचायत, एमएलसी और विधानसभा चुनाव में महिलाओं को टिकट दिए जाने की उम्मीद नजर आ रही है। लाल किले से महिलाओं आरक्षण की वकालत 15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस समारोह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकले से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की वकालत की। उन्होंने सभी दल मिलकर राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं की सफलता को ध्यान में रखते हुए ही संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया था। हालांकि, उन्होंने अफसोस जताया कि पिछले 40 सालों से यह सपना राजनीतिक खींचतान और दांव-पेच का शिकार होता आ रहा है। सभी राजनीतिक दलों से महिलाओं की ताकत राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ करने की अपील ने इस चुनाव में महिला प्रत्याशी की संभावनाओं को मजबूती दी है। पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से इस ऐतिहासिक कदम का श्रेय लेने और आम सहमति बनाने का आग्रह किया। इसके बाद वाराणसी मिर्जापुर खंड शिक्षक सीट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है एक महिला को टिकट देकर मैदान में उतारा जाएगा। विधेयक की स्थिति गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को संसद के दोनों सदनों में समर्थन मिला था, लेकिन 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल न होने के कारण आगे नहीं बढ़ सका। इस विधेयक में विधायिकाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का साथ-साथ लोकसभा सीटों के परिसीमन का प्रस्ताव भी शामिल है। सरकार का तर्क, विपक्ष की शर्त केंद्र सरकार का तर्क है कि सीटों के परिसीमन के बाद जब संसद और विधानसभाओं में कुल सीटों की संख्या बढ़ेगी, तब इस आरक्षण को लागू किया जाएगा। वहीं विपक्ष परिसीमन से जुड़े इस शर्त का विरोध कर रहा है और उसकी मांग है कि महिलाओं को यह 33 प्रतिशत आरक्षण मौजूदा सीटों की संख्या के आधार पर ही तुरंत दिया जाना चाहिए। सपा का लालबिहारी और आशुतोष पर दांव, लखनऊ में महिला को टिकट उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के चुनावमें समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए वाराणसी से दोनों उम्मीदवार उतार दिए हैं लेकिन महिलाओं की भागीदारी दिखाते हुए सपा ने लखनऊ स्नातक सीट के लिए कांति सिंह को उम्मीदवार बनाया है। विधान परिषद की पांच सीटों पर उम्मीदवार में 2 शिक्षक और 3 स्नातक शामिल है। सपा ने वाराणसी मिर्जापुर खंड शिक्षक सीट से लाल बिहारी यादव को उम्मीदवार घोषित किया है। स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा को कैंडिडेट घोषित किया गया है। बता दें, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी विधान परिषद की 5 सीटों पर भी ताल ठोकने जा रही है। इस चुनाव में भी सपा का मुकाबला सत्ताधारी बीजेपी से होगा। पीएम के संसदीय क्षेत्र में महिला प्रत्याशी उतारकर भाजपा देशभरमें संदेश देगी।
📡 स्रोत: NewsData.io