वार्ड-30 में कमियां देखकर नाराज हुए नगर आयुक्त:8 किमी पाइपलाइन और दो ट्यूबवेल का निरीक्षण
गोरखपुर में नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर नगर आयुक्त ने वार्ड 30 गुलरिहां का स्थलीय निरीक्षण किया। नगर आयुक्त ने वार्ड में पहुंचकर सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, नाला सफाई और निर्माण कार्यों की स्थिति देखी। इस दौरान सड़क और नाला निर्माण के साथ जलकल विभाग की ओर से कराए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया गया।
सड़क और नाला निर्माण की गुणवत्ता जांची नगर आयुक्त ने मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत जंगल गुलहरिया और करमहा क्षेत्र में चल रहे सड़क और नाला निर्माण कार्यों को देखा। जंगल गुलहरिया में प्राइमरी स्कूल से करबला होते हुए आफताब के मकान तक और आसपास की गलियों में सीसी सड़क व आरसीसी नाली का निर्माण कराया जा रहा है।
इसके अलावा करमहा में शिव मंदिर रोड से राममिलन वर्मा के मकान होते हुए आफताब के मकान तक तथा अन्य गलियों में भी सीसी सड़क और आरसीसी नाली का निर्माण कराया जा रहा है। नगर आयुक्त ने मौके पर निर्माण कार्य की स्थिति देखी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए।
साथ ही निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराने को कहा। बजरंगपुरम में जल निकासी का काम भी देखा निरीक्षण के दौरान सीवरेज एवं जल निकासी योजना के तहत बजरंगपुरम कॉलोनी में कराए जा रहे निर्माण कार्य की भी जांच की गई।
यहां आरपी सिंह के मकान से संजय श्रीवास्तव के मकान होते हुए सुभाष के मकान तक सीसी सड़क और जल निकासी के लिए आरसीसी नाली का निर्माण कराया जा रहा है। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अवर अभियंता विवेकानंद को कहा गया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय के अंदर पूरे कराए जाएं। दो ट्यूबवेल और 8 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई निरीक्षण के दौरान जलकल विभाग की ओर से बताया गया कि वार्ड संख्या 30 गुलरिहां में पानी की व्यवस्था के लिए दो ट्यूबवेल स्थापित कराए गए हैं।
इसके साथ ही करीब 8 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है। नगर आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर एक ट्यूबवेल परिसर का निरीक्षण किया। यहां जगह-जगह घास उगी मिली और परिसर की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। ट्यूबवेल परिसर की सफाई कराने के निर्देश ट्यूबवेल परिसर में गंदगी और घास मिलने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई।
उन्होंने सहायक अभियंता राकेश को परिसर की अच्छी तरह सफाई कराने और उसे व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कहा कि जलकल विभाग की संपत्तियों और ट्यूबवेल परिसरों की नियमित सफाई होनी चाहिए। आसपास गंदगी या झाड़ियां नहीं रहनी चाहिए, ताकि परिसर साफ और व्यवस्थित बना रहे।
ट्यूबवेल परिसर को पार्क के रूप में विकसित करने की तैयारी नगर आयुक्त ने ट्यूबवेल परिसर के बेहतर इस्तेमाल की योजना भी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अवर अभियंता विवेकानंद को नगर निगम के संपत्ति विभाग के साथ मिलकर ट्यूबवेल परिसर की पैमाइश कराने को कहा।
पैमाइश के बाद परिसर को पार्क के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इससे आने वाले समय में क्षेत्र के लोगों को खुले स्थान और पार्क की सुविधा मिल सकती है।
सफाई और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर भी नजर निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने वार्ड की सफाई व्यवस्था और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति भी देखी। इसके साथ ही नालों की सफाई व्यवस्था की जानकारी ली गई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वार्ड में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और कूड़ा उठान में किसी तरह की लापरवाही न हो। निरीक्षण के दौरान पार्षद प्रतिनिधि यूसुफ, सहायक नगर आयुक्त एवं जोनल अधिकारी सुरेंद्र प्रताप सिंह, अवर अभियंता विवेकानंद, सहायक अभियंता राकेश समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
📡 स्रोत: NewsData.io