वर्क फ्रॉम होम लागू था, छापेमारी में ऑफिस के अंदर मिली भीड़, कंपनी पर एक्शन
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
क्या आप दिल्ली-एनसीआर में किसी प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी हैं तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है.
दिल्ली-एनसीआर में दिन ब दिन प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ही प्रशासन ने कई जरूरी कदम उठाए हैं.
प्रशासन ने प्राइवेट कंपनी के 50 प्रतिशत तक कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का निर्देश दिया है.
लेकिन बड़ी बात ये है कि गुरुग्राम की दो बड़ी लॉ फर्मों में कुछ अलग ही देखने को मिला.
दरअसल, बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रशासन ने ऑफिस में कर्मचारियों की मौजूदगी केवल 50 प्रतिशत तक रखने का निर्देश दिया, लेकिन जब जांच की गई तो ऑफिस में तय सीमा से ज्यादा कर्मचारी मिले.
ऐसे में सवाल ये है कि आखिर प्रशासन ने इस पर क्या एक्शन लिया?
और साथ ही ये जानते हैं कि आखिर वो दो कंपनियां कौनसी थी, जिनमें तय संख्या से ज्यादा कर्मचारी ऑफिस में मौजूद मिले.
जानने वाली बात ये है कि प्रशासन की टीमें लगातार जांच कर रही है और तय संख्या से ज्यादा कर्मचारी ऑफिस में मौजूद होने पर कार्रवाई तक की जा सकती है.
सवाल ये भी है कि आखिर जांच के बाद प्रशासन ने इस पर क्या कार्रवाई की?
प्रशासन ने क्या एक्शन लिया?
बता दें कि जांच के बाद तय संख्या से ज्यादा कर्मचारी मिलने पर प्रशासन ने दोनों ही कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया.
अब दोनों कंपनियों को 24 घंटे का समय दिया गया है, जिसमें उन्हें लिखित में जवाब देना होगा. जवाब के साथ ही प्रशासन ने कुछ ओर चीजों को जमा करने का निर्देश दिया है.
इन चीजों की देनी होगी जानकारी
बता दें कि कंपनियों को अटेंडेंस रिकॉर्ड से लेकर कर्मचारियों की संख्या और वर्क फ्रॉम होम करने वालों की जानकारी देनी होगी.
बड़ी बात ये है कि अगर कंपनी जवाब नहीं देती है या फिर मांगी गई जानकारी जमा नहीं करती है तो आगे एक्शन लिया जा सकता है.
गुरुग्राम की इस कंपनी में मिले कर्मचारी
बता दें कि जब जांच की गई तो ट्राइलीग
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर दिल्ली-एनसीआर में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) के निर्देश के बावजूद गुरुग्राम की दो बड़ी लॉ फर्मों में ऑफिस में भीड़भाड़ की छापेमारी की घटनाओं पर प्रकाश डालती है। यह विषय वर्क फ्रॉम होम नीतियों के पालन और कार्यस्थल सुरक्षा के बीच के टकराव को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद कुछ कंपनियाँ नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, जिससे कर्मचारियों की स्वास्थ्य और कानूनी जोखिम बढ़ रहे हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकत