वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, चंडालपुर अब कहलाएगा ‘चंदनपुर’, राजपत्र लेकर गांव पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
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कवर्धा। कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर ‘चंदनपुर’ कर दिया गया है। लंबे समय से चली आ रही नाम परिवर्तन की मांग पूरी होने पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा शुक्रवार देर रात तेज बारिश के बीच राजपत्र की प्रति लेकर गांव पहुंचे और ग्रामीणों को इसकी बधाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए मौजूद रहे। नाम परिवर्तन की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई और उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।
उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपते हुए कहा कि लंबे समय से ग्रामवासियों की ओर से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावनाओं और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा, राज्यपाल की स्वीकृति और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाम परिवर्तन का राजपत्र में विधिवत प्रकाशन किया गया।
उन्होंने बताया कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद ‘चंदनपुर’ नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टल में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भी दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम ‘चंदनपुर’ का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव को जानें।
विकास कार्यों के लिए 11.70 लाख रुपये की घोषणा
नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गांव में सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए कुल 11.70 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए विशेष शिविर भी लगाया जाएगा। शिविर में आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इसके लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
‘गांव का नाम केवल पहचान नहीं, जनभावनाओं से जुड़ा होता है’
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होते, बल्कि उनसे स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं भी जुड़ी होती हैं। ‘चंदनपुर’ नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावना और मांग के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से स्थानीय पहचान को मजबूती मिलेगी और ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान हुआ है।