वेदांता राजस्थान नॉर्थ में 2,000 करोड़ का निवेश करेगी:तेल रिकवरी 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य, 17 सालों से तेल और गैस उत्पादन
राजस्थान के बाड़मेर स्थित मंगला तेल क्षेत्र भारत के हाइड्रोकार्बन संसाधनों की क्षमता का प्रमाण बनकर उभरा है। केयर्न ने भारत की सबसे बड़ी तटवर्ती तेल खोज किए जाने के बाद से मंगला क्षेत्र लगातार तेल उत्पादन कर रहा है।
मंगला से पहला तेल उत्पादन शुरू हुए 17 वर्ष पूरे होने के साथ यह क्षेत्र देश के तेल एवं गैस उद्योग के प्रमुख आधारों में शामिल है।
यह घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। 2000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही कंपनी कंपनी की कॉरपोरेट फाइलिंग के अनुसार, देश की प्रमुख निजी तेल और गैस उत्पादक कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (VOGL) वित्त वर्ष 2026-27 में राजस्थान नॉर्थ क्षेत्र में करीब 200 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है।
यह निवेश तेल की उन्नत रिकवरी, उत्पादन के अनुकूलन तथा संसाधनों को भंडार में परिवर्तित करने से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने के लिए किया जाएगा। वर्ष 2004 में खोजा गया मंगला तेल क्षेत्र अब देश के सबसे अधिक उत्पादन करने वाले तटवर्ती हाइड्रोकार्बन क्षेत्रों में शामिल हो चुका है।
मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या (MBA) समेत राजस्थान के तेल क्षेत्रों में करीब 570 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (MMboe) संभावित भंडार होने का अनुमान है।
तेल की रिकवरी को 30 से 60 प्रतिशत करना लक्ष्य इस अवसर पर वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिम जॉनी गास्ट ने कहा- भारत के तटवर्ती तेल क्षेत्र की तस्वीर को नए सिरे से परिभाषित करने से लेकर घरेलू तेल उत्पादन के एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में उभरने तक, मंगला तेल क्षेत्र देश की हाइड्रोकार्बन यात्रा का प्रमाण है।
हमारा ध्यान इसके विकास के अगले चरण की संभावनाओं को सामने लाने पर है। उन्नत तकनीकों, लक्षित वर्क-ओवर, साइड-ट्रैक और वेल इंटरवेंशन के माध्यम से हमारा लक्ष्य तेल की रिकवरी को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करना है।
हम मौजूदा भंडार से अतिरिक्त मूल्य हासिल करने के लिए अनुभवी भागीदारों के साथ अपरंपरागत संभावनाओं का भी मूल्यांकन कर रहे हैं। आगे काफी संभावनाएं मौजूद हैं। विकास की संभावनाएं और मजबूत होगी केयर्न ने मंगला के विभिन्न कुआं क्षेत्रों में अल्क-लाइन-सर्फेक्टेंट-पॉलि मर (ASP) इंजेक्शन की व्यावसायिक क्षमता का विस्तार किया है।
यह तकनीक भंडार में मौजूद तेल की अतिरिक्त मात्रा को बाहर निकालने और तेल की रिकवरी बढ़ाने में मदद करती है। राजस्थान के तेल क्षेत्र में करीब 100-200 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (MMboe) टाइट ऑयल की संभावनाएं मौजूद होने का अनुमान है।
इसके अलावा चल रही संसाधन से भंडार में परिवर्तन की परियोजनाओं के माध्यम से आने वाले वर्षों में करीब 200-300 MMboe अतिरिक्त संसाधनों को भंडार में शामिल किए जाने की उम्मीद है। इससे राजस्थान क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
बेहतर भूमिगत संरचना की जानकारी, उन्नत तकनीकों और अनुभवी भागीदारों के माध्यम से परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमता के सहारे राजस्थान के तेल क्षेत्र में दीर्घकालिक उत्पादन को बनाए रखने की उम्मीद है।
सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान व्यावसायिक गतिविधियों के अलावा, बाड़मेर में वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (केयर्न) ने क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान दिया है।
कंपनी ने स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन, रोजगार सृजन, उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने और स्थानीय लोगों की आजीविका को मजबूत करने की दिशा में काम किया है।
📡 स्रोत: NewsData.io