वेनेजुएला से तेल मंगाना भारत के लिए नहीं आसान, अमेरिका बना रहा प्रेशर
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अमेरिका चाहता है कि भारत रूस के बजाय वेनेजुएला से ज्यादा से ज्यादा तेल आयात करें. इसके लिए अमेरिका भारत पर रणनीतिक दबाव भी बना रहा है. लेकिन यह भारत के लिए इतना आसान भी नहीं है.
अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच भारत के लिए सस्ता और सुरक्षित तरीके से तेल खरीदना सिर्फ एक कारोबारी सौदा नहीं रह गया, बल्कि मामला रिफाइनरीज के मुनाफे और विदेशी राजनीति के बीच फंस गया है.
वजीराम एंड रवि की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2026 में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी की यात्रा इस बात को साफ बयां कर रहा है कि अमेरिका चाहता है कि भारत वेनेजुएला से तेल का आयात बढ़ाए.
अमेरिका का भारत पर क्या है दबाव?
अमेरिका चाहता है कि भारत रूस के बजाय वेनेजुएला से ज्यादा से ज्यादा तेल आयात करें. इसके लिए अमेरिका भारत पर रणनीतिक दबाव भी बना रहा है.
लेकिन यह भारत के लिए इतना आसान भी नहीं है.
अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच भारत के लिए सस्ता और सुरक्षित तरीके से तेल खरीदना सिर्फ एक कारोबारी सौदा नहीं रह गया, बल्कि मामला रिफाइनरीज के मुनाफे और विदेशी राजनीति के बीच फंस गया है.
वजीराम एंड रवि की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2026 में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी की यात्रा इस बात को साफ बयां कर रहा है कि अमेरिका चाहता है कि भारत वेनेजुएला से तेल का आयात बढ़ाए.
अभी हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के रिलायंस रिफाइनरी के दौरे से यह साफ पता चचल रहा है कि अमेरिका वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए भारत को प्रोत्साहित कर रहा है.
वेनेजुएला से तेल खरीदना भारत के लिए क्यों नहीं आसान?
बेशक वेनेजुएला के पास तेल का बहुत बड़ा भंडार है, लेकिन वहां का क्रूड ऑयल काफी गाढ़ा और चिपचिपा होता है.
खासकर, 'Merey' ग्रेड क्रूड. साथ ही इसमें सल्फर सहित कुछ और भी अम्लीय पदार्थ होते हैं. ऐसे में इन्हें प्रॉसेस करना आसान नहीं है.
भारत की अधिकतर रिफाइनरीज के पास इस ग्रेड को प्रॉसेस करने की कैपेसिटी ही नहीं है.
रिलायंस की जामनगर रिफाइ
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar