विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी अधिकारी को तलब कर सुनाया, 'घुसपैठ किया तो...'
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने आज (03 अक्टूबर) को पाकिस्तान हाई कमीशन के प्रभारी को तलब किया.
भारत ने पाकिस्तान की ओर से लगातार कराई जा रही अवैध सीमा पार घुसपैठ को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है.
भारत ने 2 अक्टूबर 2026 को पंजाब के इंटरनेशनल बॉर्डर के पास फिरोजपुर सेक्टर में हुई एक घटना के बारे में लगाए गए बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
विदेश मंत्रालय ने क्या बताया?
विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा, 'पाकिस्तानी पक्ष को बताया कि तीन लोग भारत के इलाके में घुस आए थे.
बीएसएफ ने कई चेतावनियां दीं, कि वे पाकिस्तान लौट जाएं, लेकिन बॉर्डर की ओर बढ़ते रहे. सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे को देखते हुए उनपर कार्रवाई करना पड़ी.'
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा, 'यह घटना पाकिस्तान से काम करने वाले हथियारों से लैस नशीले पदार्थों के सिंडिकेट की तरफ से बार-बार सीमा पार करने की गतिविधियों के एक पैटर्न को दिखाते हैं.'
उचित दिशा में कदम उठाए पाक सरकार: विदेश मंत्रालय
बयान में कहा गया, 'पाकिस्तान सरकार से साफ कहा है कि वे इन घुसपैठ और ड्रग तस्करी की गतिविधियों और इसमें पाकिस्तान की बॉर्डर गार्डिंग फोर्स की मिलीभगत की जांच करे.
साथ ही उचित दिशा में कदम उठाए.'
द्विपक्षीय समझौते का पालन करे इस्लामाबाद: विदेश मंत्रालय
मंत्रालय ने कहा, 'पाकिस्तान से यह भी कहा गया है कि वह इंटरनेशनल बॉर्डर का सम्मान सुनिश्चित करे. साथ ही द्विपक्षीय समझौते का पालन करे. अपनी सेना को अपनी तरफ से कंट्रोल रखने का निर्देश दें.
ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए.'
भारतीय जवानों ने दो घुसपैठिए मार गिराए थे
पूरा घटनाक्रम शुक्रवार का है.
पंजाब की इंटरनेशनल बॉर्डर तरनतारन और फिरोजपु
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद पर हाल की घटना, जिसमें भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान हाई कमीशन के प्रमुख को तलब किया, एक संवेदनशील विषय है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है और भारत की कड़ी नीतियों को दर्शाती है। सामान्य जनता पर इसका असर आर्थिक और सुरक्षा दोनों पहलुओं में महसूस किया जा सकता है, जैसे कि सीमा पर व्यापार में रुकावट, पर्यटन पर असर और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ना। इस तरह की घटनाएँ दोनों राष्ट्रों के बीच संवाद और शांत