विधानसभा अध्यक्ष संग दुर्व्यवहार पर भड़के रेवंत रेड्डी, विधायकों को दी चेतावनी
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए.
रेवंत रेड्डी ने बुधवार (9 सितंबर, 2026) को 6 सितंबर को हुई हिंसा से जुड़े विधानसभा अध्यक्ष जी.
प्रसाद कुमार के कथित दुर्व्यवहार, बीआरएस विधायकों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प और अन्य घटनाओं की व्यापक जांच के आदेश जारी किए हैं.
उन्होंने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इन घटनाओं के लिए जो भी लोग जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
इसके साथ ही, उन लोगों पर भी कार्रवाई होगी, जिन्होंने कथित तौर पर इन घटनाओं की साजिश रची, उन्हें समर्थन दिया या उन्हें अंजाम देने में मदद की.
सीएम रेड्डी ने कहा कि जहां भी जरूरी होगा, संबंधित लोगों के पद या राजनीतिक ओहदे की परवाह किए बिना उनके खिलाफ जिन भी कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज हो सकेंगे, वो किए जाएंगे, इसमें SC/ST एक्ट भी शामिल है.
जमानत लेने वाले जनता के सवालों से नहीं बचेंगे- रेवंत
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कथित दुर्व्यवहार की घटना के बाद विधानसभा अध्यक्ष के प्रति एकजुटता जताई और उनसे अपने संवैधानिक दायित्वों का पूरी तरह से निर्वहन करते हुए मजबूती से काम करते रहने की भी अपील की.
उन्होंने चेतावनी दी कि कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल करके जमानत लेने की कोशिश करने वाले लोग भी जनता के सवालों से नहीं बच पाएंगे.
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इस दौरान मुख्यमंत्री रेड्डी ने बीआरएस प्रमुख के.
चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों को दलित नेताओं और विधानसभा अध्यक्ष को निशाना बनाने के लिए उकसाया था.
इसके साथ ही, रेवंत रेड्डी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में <a href="https://www.abplive.com/search
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस खबर में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा अध्यक्ष पर दुर्व्यवहार के आरोप पर भड़कते हुए, 6 सितंबर को हुई हिंसा की जाँच का आदेश दिया है। यह विषय राजनीतिक दंगों और सत्ता के दुरुपयोग पर केंद्रित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि उच्च पदाधिकारी भी कानून के आगे जवाबदेह हैं और सरकार की पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता दिखाती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि नागरिकों को न्यायिक प्रक्रियाओं में विश्वास बढ़ेगा और राजनीतिक शांति एवं सुरक्षा के प्रति आशा जागृत होगी।