राजनीति

विधानसभा में संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन का विरोध स्वतंत्रता सेनानियों और अमर बलिदानियों की भावनाओं का अपमान, कांग्रेस देश से माफी मांगे: डॉ. बिंदल

लेखक: AIR Shimla अंतिम अपडेट: 22 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

अगस्त 22, शिमला (हिमाचल प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन को लेकर कांग्रेस पार्टी के रुख पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने ऐसा स्टैंड लेकर उन लाखों देशभक्तों, स्वतंत्रता सेनानियों और अमर बलिदानियों की भावनाओं का अपमान किया है, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

डॉ. बिंदल ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में “वंदे मातरम्” केवल गीत नहीं बल्कि आजादी के आंदोलन की प्रेरणा और उद्घोष था। असंख्य क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम् का उद्घोष करते हुए अंग्रेजी शासन का सामना किया और अनेक वीरों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दिया।

उन्होंने कहा, “जिन अमर शहीदों ने वंदे मातरम् का उद्घोष करते हुए फांसी के फंदे चूमे और देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए, आज उसी स्वतंत्र भारत में कांग्रेस पार्टी द्वारा संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन का विरोध किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

कांग्रेस को देश को बताना चाहिए कि उसे संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन से आपत्ति आखिर क्यों है?” डॉ. बिंदल ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश ने विभाजन की त्रासदी झेली और धर्म के आधार पर हुए उस विभाजन के घाव आज भी भारत के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इतिहास से सबक लेने के बजाय आज भी वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति को राष्ट्रहित से ऊपर रखा हुआ है।

उन्होंने कहा, “वोट की राजनीति, स्वार्थ की राजनीति और परिवारवाद की राजनीति ने कांग्रेस को आज उस स्थिति में पहुंचा दिया है जहां वह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहे वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय गौरव के विषय पर भी राजनीति कर रही है।” डॉ. बिंदल ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े विषय किसी राजनीतिक दल की सुविधा अथवा वोट बैंक की राजनीति के आधार पर तय नहीं किए जा सकते।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वंदे मातरम् का इतिहास भारत के स्वतंत्रता संग्राम से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। इसने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों को एक सूत्र में बांधने और उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने का काम किया।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा जैसे लोकतंत्र के सर्वोच्च राज्य स्तरीय मंच पर वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। डॉ. बिंदल ने कहा, “वंदे मातरम् किसी एक राजनीतिक दल का नहीं है। यह भारत की मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का उद्घोष है।

भाजपा के लिए राष्ट्रहित और राष्ट्रगौरव सर्वोपरि हैं और इस विषय पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।” डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को विधानसभा में अपनाए गए अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए और स्वतंत्रता सेनानियों तथा देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन के विरोध में कांग्रेस द्वारा अपनाए गए रुख की कड़े शब्दों में निंदा करती है। डॉ. बिंदल ने कहा, “कांग्रेस को तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय गौरव के विषयों पर देश के साथ खड़ा होना चाहिए।

भारत की एकता और अखंडता हमारे लिए सर्वोपरि है और वंदे मातरम् का सम्मान प्रत्येक भारतीय का गौरव है।”

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