राज्य

विदिशा : छह महीने से कमरे में बंद 16 वर्षीय बालिका का रेस्क्यू

लेखक: DD Bhopal अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
विदिशा : छह महीने से कमरे में बंद 16 वर्षीय बालिका का रेस्क्यू

संयुक्त टीम की त्वरित कार्रवाई, बाल कल्याण समिति के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित आश्रय विदिशा : हैदरगढ़। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त शिकायत के आधार पर हैदरगढ़ क्षेत्र में एक 16 वर्षीय बालिका को उसके घर में लगभग छह माह से एक कमरे में बंद रखे जाने की गंभीर सूचना मिली थी।

इस शिकायत को जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास श्रीमती विनीता कांसवा द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया गया तथा बालिका के सुरक्षित रेस्क्यू और संरक्षण के लिए संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।

गठित संयुक्त टीम में महिला एवं बाल विकास विभाग से संरक्षण अधिकारी श्रीमती सरिता शुक्ला एवं पर्यवेक्षक श्रीमती सोनू प्रजापति, पुलिस विभाग से थाना प्रभारी रघुराज सिंह रघुवंशी तथा तहसीलदार रघुनन्दन शुक्ला शामिल रहे।

टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका को एक कमरे से डरी-सहमी अवस्था में सुरक्षित रेस्क्यू किया और आवश्यक संरक्षण प्रदान किया। रेस्क्यू के पश्चात बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां समिति के अध्यक्ष रामबाबू प्रजापति और अन्य सदस्यों द्वारा उसके विस्तृत कथन दर्ज किए गए।

बालिका ने अपने कथनों में खुलासा किया कि पिता की इच्छा के विरुद्ध विवाह करने से इनकार करने पर उसके साथ गंभीर मारपीट एवं हिंसा की गई तथा उसे महीनों तक कमरे में कैद रखा गया। उसने अपने एक पैर को कुल्हाड़ी से काटे जाने के संबंध में भी बयान दिए हैं।

बयानों के आधार पर मेडिकल परीक्षण कराकर उसे अस्थाई रूप से वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया है। प्रकरण में बालिका के सर्वोत्तम हित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

D
DD Bhopal

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।