विदिशा में कैंसर उपचार की मिली नई सुविधा, डे-केयर सेंटर में अब स्थानीय स्तर पर होगी कीमोथेरेपी, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा - कैंसर उपचार की पूरी श्रृंखला को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता
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टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के सहयोग से शुरू हुआ कैंसर डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर
भोपाल। कैंसर के इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों की ओर दौड़ लगाने की मजबूरी कम करने की दिशा में विदिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के सहयोग से कैंसर डे-केयर कीमोथेरेपी यूनिट शुरू की गई है। केंद्रीय किसान कल्याण एवं कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यूनिट का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में कैंसर उपचार की पूरी श्रृंखला को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कैंसर की पहचान से लेकर सटीक जांच, स्टेजिंग, विशेषज्ञ परामर्श, सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी तक समन्वित उपचार व्यवस्था विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि विदिशा में डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर की शुरुआत से जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों के मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। अब कीमोथेरेपी के लिए बार-बार बड़े शहरों की यात्रा करने, अतिरिक्त खर्च उठाने और लंबी यात्रा की मानसिक परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकेगा।
शुक्ल ने बताया कि जून में आयोजित कैंसर स्क्रीनिंग अभियान के दौरान करीब 3 हजार लोगों की स्क्रीनिंग और जांच की गई थी। इनमें लगभग 600 मरीजों में कैंसर की पहचान हुई, जबकि करीब 250 संभावित कैंसर मरीज चिन्हित किए गए। आगे के उपचार के लिए भोपाल के कैंसर अस्पतालों और टाटा मेमोरियल सेंटर की मुंबई स्थित इकाई ऐक्ट्रेक के सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। इसी प्रक्रिया के दौरान विदिशा में डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर शुरू करने का निर्णय लिया गया।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सेंटर के संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के दो चिकित्सकों और सात नर्सिंग अधिकारियों को ऐक्ट्रेक, मुंबई में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को एम्स भोपाल में भी प्रशिक्षण दिलाया गया है। इससे सेंटर में निर्धारित उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार मरीजों को कीमोथेरेपी उपलब्ध कराने की व्यवस्था तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि जिन मरीजों की कीमोथेरेपी किसी ऑन्कोलॉजिस्ट द्वारा निर्धारित की गई है, उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार विदिशा मेडिकल कॉलेज में उपचार दिया जा सकेगा। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में कैंसर विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने के कारण एम्स भोपाल और ऐक्ट्रेक के विशेषज्ञों के समन्वय से तैयार उपचार प्रोटोकॉल के आधार पर सेवाएं दी जाएंगी।
शुक्ल ने कहा कि कैंसर के उपचार में समय पर जांच और बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए नियमित स्क्रीनिंग और जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और नशे से दूर रहना भी जरूरी है।
प्रदेश में आधुनिक कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने पांच शासकीय मेडिकल कॉलेजों में उन्नत लीनियर एक्सीलरेटर मशीनों के माध्यम से आधुनिक रेडिएशन थेरेपी और ब्रेकीथेरेपी की सुविधाएं जल्द शुरू की जा रही हैं। कैंसर की सटीक जांच और स्टेजिंग के लिए पेट स्कैन की सुविधा भी शुरू किए जाने की तैयारी है। इससे मरीजों को उपचार की अलग-अलग सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम होगी।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से जरूरतमंद लोगों के लिए गंभीर बीमारियों का बेहतर उपचार उपलब्ध कराना संभव हुआ है। कैंसर के मामले में भी उपचार सुविधाओं के साथ समय पर जांच और बीमारी के प्रति जागरूकता को प्राथमिकता देना जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विदिशा में शुरू किया गया कैंसर डे-केयर सेंटर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है। टाटा मेमोरियल सेंटर के सहयोग से अब मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कैंसर गंभीर बीमारी है, इसलिए उपचार के साथ समय पर जांच और जागरूकता भी जरूरी है।
चौहान ने बताया कि विदिशा में कैंसर उपचार की सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। इससे पहले आयोजित कैंसर जांच शिविर में करीब 3 हजार लोगों की जांच की गई थी। उन्होंने कहा कि विदिशा में कैंसर अस्पताल स्थापित करने की दिशा में भी तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कैंसर के क्षेत्र में टाटा समूह द्वारा किए जा रहे शोध और प्रयास भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में होने वाले शोध का उद्देश्य मानवता के कल्याण से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि टाटा समूह की ओर से पिछले 11 वर्षों में 11 अस्पताल स्थापित किए गए हैं तथा 300 से अधिक ग्रिड स्थापित किए गए हैं, ताकि कैंसर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। विदिशा में डे-केयर सेंटर की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मनीष निगम ने सेंटर में उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां निर्धारित उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार मरीजों को कीमोथेरेपी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में आनंद विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री लखन पटेल, कुरवाई विधायक हरिसिंह सप्रे, बासौदा विधायक हरिसिंह रघुवंशी, सांची विधायक प्रभुराम चौधरी, बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव, विदिशा विधायक मुकेश टंडन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सा विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
विदिशा में अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय ने टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के सहयोग से कैंसर डे-केयर कीमोथेरेपी यूनिट शुरू की है, जिससे रोगियों को बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होगी। यह कदम ग्रामीण इलाकों में कैंसर उपचार की पहुँच बढ़ाने के लिए सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है। इससे स्थानीय रोगियों को समय पर और सुलभ उपचार मिल सकेगा, जिससे इलाज की लागत और यात्रा का बोझ घटेगा, और स्वास्थ्य सेवाओं का समग्र स्तर बेहतर होगा।