विदिशा- माता-पिता की मौत के बाद बेसहारा हुए 5 भाई-बहनों को मिला संरक्षण, बड़े भाई को बनाया गया संरक्षक
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
विदिशा। गंजबासौदा के ग्राम अबुपुर कुचोली में माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए पांच भाई-बहनों को अब आवश्यक संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चों की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।
जानकारी के अनुसार बच्चों के पिता का निधन करीब पांच वर्ष पहले हो गया था। इसके बाद उनकी मां ही पांचों बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। लेकिन 30 जुलाई 2026 को करंट लगने से मां की भी मौत हो गई। माता-पिता दोनों के निधन के बाद बच्चों के सामने पालन-पोषण और भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक ऋतु शर्मा ने बच्चों को आवश्यक संरक्षण और आर्थिक सहायता दिलाने के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए पांचों बच्चों की स्थिति की जानकारी ली और उनके बड़े भाई राजा सहरिया को संरक्षक नियुक्त किया।
समिति ने परियोजना अधिकारी, गंजबासौदा को बच्चों के आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने, उन्हें पात्र शासकीय योजनाओं से जोड़ने और नियमानुसार जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रामबाबू प्रजापति और सदस्यों सुनीता दांगी, लक्ष्मी शर्मा, चंद्रभान सिंह बघेल एवं दीवान सिंह मीणा ने बच्चों की काउंसलिंग की। इस दौरान बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़ी जरूरतों की जानकारी ली गई।
समिति ने बच्चों की शिक्षा निरंतर जारी रखने, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखने और पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल कल्याण समिति की इस पहल का उद्देश्य माता-पिता को खो चुके बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य व संरक्षण सुनिश्चित करते हुए उनके बेहतर भविष्य की नींव तैयार करना है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर गंजबासौदा के अबुपुर कुचोली गाँव में पाँच भाई-बहनों के माता-पिता की मृत्यु के बाद उन्हें मिले संरक्षण और सहायता के बारे में है। यह विषय बाल संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा के महत्व को दर्शाता है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि कैसे सरकारी विभागों ने अनाथ बच्चों के लिए त्वरित कदम उठाए और उन्हें बाल कल्याण समिति के माध्यम से आवश्यक सहायता प्रदान की। इसका आम जनता पर असर यह है कि यह समाज में बच्चों के प्रति जिम्मेदारी और सहानुभूति बढ़ाने का संदेश देता है, और अन्य अनाथों के लिए भ