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विदिशा- ‘शिक्षा का उद्देश्य ही स्वावलंबन’, कन्या कॉलेज में 25 दिवसीय ब्यूटीपार्लर प्रशिक्षण शुरू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
विदिशा- ‘शिक्षा का उद्देश्य ही स्वावलंबन’, कन्या कॉलेज में 25 दिवसीय ब्यूटीपार्लर प्रशिक्षण शुरू

विदिशा। राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विदिशा में मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 25 दिवसीय अल्पावधि स्वरोजगार प्रशिक्षण के तहत ब्यूटीपार्लर प्रशिक्षण की शुरुआत हुई।

प्रशिक्षण का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बीडी अहिरवार और डॉ. विनिता प्रजापति ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. बीडी अहिरवार ने कहा कि हुनर और कौशल से ही आत्मनिर्भरता आती है।

युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने और उन्हें रोजगार व अर्थोपार्जन से जोड़ने के लिए ऐसे अल्पावधि स्वरोजगार प्रशिक्षण महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह उच्च शिक्षा विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने छात्राओं को ब्यूटीपार्लर का प्रशिक्षण गंभीरता से लेने और सीखे हुए कौशल का उपयोग स्वरोजगार शुरू करने के लिए करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य ही स्वावलंबन है।” कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. विनिता प्रजापति ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रकोष्ठ के उद्देश्यों और प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की।

उन्होंने कहा कि रोजगारपरक इस पहल को अधिक से अधिक छात्राओं तक पहुंचाने के लिए कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ लगातार प्रयासरत है।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मलखान सिंह, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. संध्या जैन, प्रो. किरण जैन, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. सीमा चक्रवर्ती, डॉ. किरण जैन, डॉ. साधना कुमारी, डॉ. ऋचा शर्मा, प्रो. अदिती तिवारी सहित महाविद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।

प्रशिक्षण की शुरुआत को लेकर छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

विदिशा के राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय ने 25 दिवसीय ब्यूटीपार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह प्रशिक्षण उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार स्वरोजगार के लिए है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक कौशल और रोजगार के अवसर मिलें। यह पहल शिक्षा के ‘स्वावलंबन’ लक्ष्य को साकार करती है और ग्रामीण-शहरी क्षेत्र में स्त्री सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रा अपने घर से ही काम करके आय अर्जित कर सकती हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरती ह

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।