वीडियो कॉल पर पत्नी की आँखों के सामने तोड़ा दम, तीन बेटियों के पिता ने दी जान — रोकती रह गई पत्नी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →बहादुरगढ़/झज्जर। एक बार फिर वीडियो कॉल पर एक जिंदगी बुझते देखने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। झज्जर जिले के बहादुरगढ़ स्थित छोटूराम नगर में किराए के मकान में अकेले रह रहे 31 वर्षीय चेतन सिंह ने देर रात पत्नी को वीडियो कॉल किया — और बातचीत के दौरान ही उसने अपनी जान दे दी। चेतन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के लालपुर गांव का रहने वाला था और बहादुरगढ़ की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था, जबकि उसका परिवार — पत्नी और तीन बेटियाँ — गांव में रहता था।
"रुक जाओ" कहती रही पत्नी, नहीं मानी बात
पुलिस के मुताबिक कॉल के दौरान पत्नी लगातार उसे रोकने की कोशिश करती रही, समझाती रही, खुद को संभालने की अपील करती रही — लेकिन चेतन ने उसकी एक न सुनी। जब पत्नी को एहसास हुआ कि हालात उसके काबू से बाहर हैं, तो उसने फौरन आपातकालीन नंबर 112 पर पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही लाइनपार थाना पुलिस मौके के लिए रवाना हुई, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजा तुड़वाकर जब पुलिस अंदर दाखिल हुई, तब तक चेतन की मौत हो चुकी थी।
एफएसएल टीम पहुंची मौके पर, जांच शुरू
घटना की सूचना के बाद एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया और घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि चेतन मानसिक तनाव से गुजर रहा था, हालांकि इस कदम के पीछे असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूर रहकर रोज़ी-रोटी, पास न रह सका तनाव
तीन बेटियों का यह पिता अपने परिवार से दूर, अकेले शहर में रहकर रोज़ी-रोटी कमा रहा था। घर-परिवार से दूरी, अकेलापन और भीतर पल रहा मानसिक तनाव — यही वजहें आखिरकार उसकी जान ले गईं। पड़ोसियों के मुताबिक चेतन बाहर से सामान्य नजर आता था, किसी को अंदाज़ा नहीं था कि वह भीतर से इतना टूट चुका है।
वीडियो कॉल पर जान देने के मामले बढ़े
हाल के महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से वीडियो कॉल के दौरान आत्महत्या की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं — लखनऊ में एक शख्स ने परिवार के साथ वीडियो कॉल पर ही खुद को गोली मार ली थी, जबकि घरवाले उसे रोकते रह गए। इसी तरह बिहार और उत्तर प्रदेश से भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां वीडियो कॉल पर परिजनों की आँखों के सामने किसी अपने ने जान दे दी। जानकार मानते हैं कि तकनीक के इस दौर में, जब लोग रिश्तों से दूर अकेले रहने को मजबूर हैं, वीडियो कॉल कई बार आखिरी सहारा और आखिरी गवाह — दोनों बन जाता है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2023 में देशभर में दर्ज आत्महत्या के मामलों में 2022 के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई</cite। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता के बीच केंद्र सरकार ने 2022 में देश की पहली राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम रणनीति लॉन्च की थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक आत्महत्या से होने वाली मौतों को 10 प्रतिशत तक कम करना है, जिसके तहत टेली-मानस जैसी हेल्पलाइन सेवाएं चलाई जा रही हैं।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर एक 31 वर्षीय पुरुष, चेतन सिंह, के वीडियो कॉल पर अचानक आत्महत्या करने के बारे में है। यह घटना बहादुरगढ़ के छोटूराम नगर में हुई, जहाँ वह अकेले रह रहा था। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त उदाहरण है, जहाँ वीडियो कॉल जैसी रोज़मर्रा की तकनीकें भी संकट के समय में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। आम जनता पर इसका असर यह है कि यह हमें यह याद दिलाता है कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ किसी भी आयु, लिंग या सामाजिक स्थिति तक सीम
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
इस दुखद घटना से यह सीख मिलती है कि घर की शांति और विश्वास को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। जब भी भावनाएँ उफान पर हों, तो शांत चर्चा, मध्यस्थता या कानूनी सलाह से समाधान खोजें। परिवार में खुली बातचीत और सहानुभूति से संघर्षों को टाला जा सकता है। समाज को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में सहारा देने वाली सेवाएँ और जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाए, ताकि हर परिवार सुरक्षित और सुदृढ़ रहे।