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विद्यार्थी ऋण और अन्य ऋणों के आवंटन में न हो देरी: अभिषेक गर्ग

लेखक: AIR Shimla अंतिम अपडेट: 18 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

जिला स्तरीय समीक्षा एवं बैंक सलाहकार समिति की बैठक में एडीसी ने दिए निर्देश

अगस्त 18, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): जिला स्तरीय समीक्षा एवं बैंक सलाहकार समिति की बैठक मंगलवार को यहां हमीर भवन में एडीसी अभिषेक गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही की उपलब्धियों एवं निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर एडीसी ने सभी बैंक अधिकारियों से कहा कि वे आम लोगों को विभिन्न ऋण योजनाओं से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इससे उनके बैंकों का कारोबार बढ़ेगा, आम लोग लाभान्वित होंगे और जिला के ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशो) में भी सुधार होगा। उन्होंने बताया कि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान जिला में 335.54 करोड़ रुपये के ऋण आवंटित किए गए जो कि इस वित्त वर्ष के कुल निर्धारित लक्ष्य 2062.90 करोड़ का 18.61 प्रतिशत है। पहली तिमाही के दौरान जिला की सीडी रेशो करीब 24 प्रतिशत रही, जिसमें काफी ज्यादा सुधार की आवश्यकता है। एडीसी ने कहा कि सभी बैंक फील्ड में विशेष शिविर लगाकर अधिक से अधिक लोगों को ऋण योजनाओं से जोड़ें और इन शिविरों की रिपोर्ट नियमित रूप से अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) कार्यालय को प्रेषित करें। समिति की अगली बैठक में इसकी समीक्षा की जाएगी तथा बैंक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना और अन्य सभी सब्सिडी योजनाओं से संबंधित ऋणों की मंजूरी में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जिला हमीरपुर में कृषि, पशुपालन, एमएसएमई, स्वयं सहायता समूह और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण आवंटन के साथ-साथ सोलर प्लांट, शिक्षा ऋण और हाउस लोन में भी काफी अच्छी संभावनाएं हैं। बैंकों को इस दिशा में प्रयास करने चाहिए। एडीसी ने कहा कि जिला में अभी 47,435 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं। जबकि, जिला में पीएम किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों की संख्या 51,559 है। अन्य छूटे किसानों को भी प्राथमिकता के आधार पर केसीसी प्रदान करें, ताकि वे आसानी से ऋण ले सकें। बैठक में एनआरएलएम, एनयूएलएम, पीएम स्वनिधि, पीएमईजीपी और एससीएसटी निगम से संबंधित योजनाओं, स्वास्थ्य बीमा योजना, जीवन ज्योति योजना, अटल पेंशन और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित अन्य योजनाओं की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक धर्मेंद्र स्याल ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। भारतीय रिजर्व बैंक के शिमला कार्यालय के एलडीओ तरुण चौधरी ने बैंक के विभिन्न दिशा-निर्देशों से अवगत करवाया। जबकि, पीएनबी आरसेटी के निदेशक अजय कतना और नाबार्ड के डीडीएम नरेश कुमार ने अपने-अपने संस्थानों की उपलब्धियों की जानकारी दी। एडीसी ने कहा कि मट्टनसिद्ध में संचालित किए जा रहे पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर में 18 से 50 वर्ष तक के लोगों के लिए मुफ्त प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। इनके लिए शैक्षणिक योग्यता की कोई भी शर्त नहीं है। इस संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा और महिलाएं स्वरोजगार की राह पर अग्रसर हो सकते हैं।

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