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विद्युत वितरण निगमों को वित्तीय रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से सक्षम एवं उपभोक्ता-केंद्रित बनाना समय की आवश्यकता: ऊर्जा मंत्री, डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट-2026 का शुभारम्भ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
विद्युत वितरण निगमों को वित्तीय रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से सक्षम एवं उपभोक्ता-केंद्रित बनाना समय की आवश्यकता: ऊर्जा मंत्री, डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट-2026 का शुभारम्भ

जयपुर, 27 अक्टूबर। राजस्थान के ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने कहा कि विद्युत वितरण निगमों को वित्तीय रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से सक्षम एवं उपभोक्ता-केंद्रित बनाना समय की आवश्यकता हैं। स्मार्ट मीटरिंग, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं ऑटोमेशन के प्रभावी उपयोग से विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, दक्ष और विश्वसनीय बनाया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को निर्बाध बिजली के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवाएं उपलब्ध हो सके। इसके लिए राज्य सरकार वितरण तंत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।

मंत्री नागर मंगलवार को राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग एवं इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर में विद्युत वितरण निगमों की 10वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट-2026’ के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पीएम सूर्यघर एवं प्रधानमंत्री कुसुम जैसी योजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिला है। राजस्थान में पीएम सूर्यघर योजना में 3.55 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं, कुसुम कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी के तहत लगभग 5,500 मेगावाट से अधिक की विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिनसे 3.75 लाख से अधिक किसानों को दिन में कृषि कार्यों के लिए बिजली उपलब्ध हो रही है। इससे किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बन रहे हैं।

मंत्री नागर ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों से राजस्थान देश के प्रमुख सौर ऊर्जा केंद्र के रूप में उभरा है। प्रदेश की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 45 गीगावाट तथा कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता लगभग 52 गीगावाट तक पहुंच गई है। पिछले तीन वर्षों से भी कम समय में अक्षय ऊर्जा क्षमता में लगभग 28 गीगावाट से अधिक की वृद्धि हुई है।

मंत्री नागर ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के बीच प्रदेश में बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को बढावा देने, ग्रिड आधुनिकीकरण, एटीएंडसी हानियों में कमी के साथ ही डिस्कॉम्स के आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दिशा में जयपुर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 931 करोड़ रूपए का लाभ अर्जित किया है जो वितरण निगमों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की हमारी इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि इस आयोजन से देश भर के विद्युत वितरण निगमों को अपने बेस्ट प्रेक्टिसेज, नवाचारों तथा धरातल के सकारात्मक अनुभवों को परस्पर साझा करने का मंच मिला है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक आर्थिक ताकत के रूप में उभर रहा है। उस अनुरूप देश में ‘ऊर्जा की मांग में भी बढ़ोतरी भी हो रही है।

उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र सुधार 2.0 के तहत विद्युत वितरण निगम वित्तीय रूप से मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़े हैं। अजमेर विद्युत वितरण निगम के बाद अब जयपुर डिस्कॉम का लाभ में आना निश्चय ही स्वागत योग्य है।

मुख्य सचिव ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण के लिए राज्य में वितरण नेटवर्क को आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने बैटरी ऊर्जा भंडारण, मांग के सटीक पूर्वानुमान तथा पारेषण एवं वितरण तंत्र के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य के विद्युत वितरण निगम बेहतर काम कर रहे हैं। उन्होंने राजस्थान सम्पर्क में दर्ज शिकायतों के त्वरित निराकरण एवं समाधान में संतुष्टि का स्तर 82 प्रतिशत रहने पर जयपुर डिस्कॉम की सराहना भी की।

इससे पहले ऊर्जा विभाग की शासन सचिव आरती डोगरा ने अपने उद्बोधन में ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने तथा आधुनिक तकनीक एवं नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग के महत्व पर विचार रखे।

इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम के प्रेसीडेंट रेजी कुमार पिल्लई ने कहा कि भारत की प्रगति के लिए वितरण निगमों का सशक्तीकरण आवश्यक है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के चेयरपर्सन घनश्याम प्रसाद, एमपीसीएल के एमडी प्रेमकुमार, एआईडीए के महानिदेशक आलोक कुमार, पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक आरके त्यागी, जीयूवीएनएल की एमडी शालिनी अग्रवाल तथा इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम की सीईओ रीना सूरी ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।

दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में विद्युत वितरण क्षेत्र में वित्तीय परिवर्तन, डिजिटल इंटेलिजेंस, स्मार्ट मीटर के डेटा विश्लेषण, एआई टूल्स, साइबर सुरक्षा, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण, शून्य कार्बन उत्सर्जन तथा डेटा सेंटरों एवं इलेक्ट्रिक वाहनों से बढ़ती बिजली मांग के प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है। सम्मेलन का उद्देश्य देशभर की विद्युत वितरण कंपनियों के श्रेष्ठ अनुभवों एवं कार्यप्रणालियों को साझा कर व्यावहारिक समाधान विकसित करना है। राजस्थान को पहली बार इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।