विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 18वें सीआईआई ग्लोबल मेडटेक समिट को संबोधित किया

श्री सिंह ने विज्ञान, उद्योग, स्वास्थ्य संस्थानों और बाजार के बीच सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अनुसंधान को प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वास्तविक दुनिया की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के लिए ठोस समाधानों में परिवर्तित होना चाहिए।
श्री सिंह ने कहा कि सरकार की अनुसंधान, विकास और नवाचार योजना, जिसके लिए एक लाख करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया गया है, का उद्देश्य उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान और नवाचार में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने उत्पादन-संबंधित प्रोत्साहन योजना और चिकित्सा उपकरण पार्कों के माध्यम से घरेलू चिकित्सा उपकरण विनिर्माण को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 तक चिकित्सा उपकरण पी.एल.आई. योजना के अंतर्गत कुल बिक्री लगभग 12 हजार 344 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, जिसमें लगभग 5 हजार 869 करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है।