विपणन सत्र 2027-28: कैबिनेट ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को मंजूरी दी
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केन्द्रीय मंत्रिमण्डल की आर्थिक कार्य समिति ने आज विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दे दी। मंत्रिमण्डल की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में कहा कि यह निर्णय किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
कुसुम के लिए एमएसपी में सबसे अधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि की गई है। सरसों और खसखस के लिए एमसपी 413 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। श्री वैष्णव ने बताया कि मसूर के लिए एमएसपी में 390 रुपये प्रति क्विंटल, जौ के लिए 136 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 83 रुपये प्रति क्विंटल और गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
श्री वैष्णव ने कहा कि मंत्रिमण्डल समिति ने दिल्ली पुलिस के 1 हजार 789 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत वाले इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) परियोजना के कार्यान्वयन को भी मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत 42 चिन्हित यातायात गलियारों को कवर किया जाएगा। इसे 24 महीनों में तीन चरणों में कार्यान्वित किया जाएगा। आईटीएमएस का उद्देश्य यातायात प्रबंधन को वास्तविक यातायात स्थितियों के अनुसार सक्षम बनाकर मौजूदा उपलब्ध सड़कों का बेहतर उपयोग करना है।
श्री वैष्णव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने पीएम-धारा योजना को भी मंजूरी दी है। इससे अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली मजबूत होगी और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 135 गीगावाट तक नवीकरणीय ऊर्जा का पारेषण संभव हो सकेगा। योजना में 50 गीगावाट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली लगाने का भी प्रावधान है। इससे बिजली की उपलब्धता में उतार-चढ़ाव, ग्रिड पर दबाव और अधिक मांग के समय बिजली की कमी जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी। साथ ही गैर-सौर घंटों में बिजली की मांग पूरी करने में भी सहायता मिलेगी।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
किसानों को मिले बढ़े हुए एमएसपी से यह स्पष्ट होता है कि सरकार का प्रयास उनके हितों की रक्षा में है। यह निर्णय न केवल आर्थिक सुरक्षा देता है, बल्कि ग्रामीण समाज में आशा और आत्मविश्वास भी जगाता है। हमें इस अवसर का उपयोग कर कृषि विज्ञान और सतत खेती को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि हर किसान अपनी मेहनत का न्यायसंगत लाभ प्राप्त कर सके और समाज में समृद्धि की नई कहानी लिख सके।