राज्य

विश्व भारती संस्थान में आयोजन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
विश्व भारती संस्थान में आयोजन

"अहिंसा-नई सोच, नया समाज” की थीम पर जैन विश्व भारती संस्थान में आयोजन, अहिंसा प्रेरणा एवं प्रकृति मित्र सम्मान से किया गया सम्मानित

लाडनूं, 2 अक्टूबर। अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस एवं महात्मा गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर शांति एवं अहिंसा विभाग, राजस्थान सरकार तथा जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय), लाडनूं के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को संस्थान के सभागार में “अहिंसा-नई सोच, नया समाज” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शांति एवं अहिंसा निदेशालय, जयपुर के निदेशक अजय असवाल, आईएएस ने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक अहिंसा को अपनी सोच और जीवनशैली का हिस्सा बनाएगा, तभी सहयोगी, समावेशी और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव होगा। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर, महात्मा गांधी सहित विभिन्न धर्मों और महापुरुषों द्वारा प्रतिपादित अहिंसा के विचार आज के समय में और अधिक व्यापक, प्रासंगिक एवं महत्वपूर्ण हो गए हैं।

असवाल ने प्रशासनिक सेवा के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आधुनिक युग में अहिंसा का स्वरूप भी व्यापक हुआ है। आज वैचारिक अहिंसा, डिजिटल अहिंसा और पर्यावरणीय अहिंसा को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हिंसा-मुक्त समाज ही राष्ट्र निर्माण की दिशा में पहला कदम है।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के क्षेत्र में भी जिम्मेदार एवं अहिंसक प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में जैन विश्व भारती संस्थान के कुलसचिव प्रो. देवाशीष गोस्वामी तथा विभागाध्यक्ष प्रो. बी. एल. जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संस्थान की ओर से उल्लेखनीय कार्य एवं योगदान के लिए गोपालपुरा की सरपंच श्रीमती सविता राठी को अहिंसा प्रेरणा सम्मान तथा दुर्गा दल, लाडनूं को प्रकृति मित्र सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” से हुआ। संस्थान के अहिंसा एवं शांति विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती वंदना कुण्डलिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और अहिंसा के मूल्यों को सामाजिक जीवन में प्रभावी रूप से अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। शांति एवं अहिंसा निदेशालय, जयपुर की उपनिदेशक श्रीमती मधु रघुवंशी ने बताया कि पूरे देश में शांति एवं अहिंसा विभाग तथा निदेशालय की स्थापना करने वाला राजस्थान पहला राज्य है। उन्होंने विभाग एवं निदेशालय की विभिन्न गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम के आयोजन में सहभागिता के लिए शांति एवं अहिंसा निदेशालय, जयपुर की ओर से जैन विश्व भारती संस्थान के कुलपति श्री बी. आर. दूगड़ एवं विभागाध्यक्ष श्रीमती वंदना कुण्डलिया का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर स्मृति स्वरूप महात्मा गांधी का चित्र तथा विद्यार्थियों के लिए गांधी साहित्य भेंट किया गया। समारोह में अहिंसा, शांति, सामाजिक समावेश और पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को वर्तमान समय की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए युवाओं और समाज की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।