भोपाल

विश्व दृष्टि दिवस पर एम्स भोपाल में आँखों की मुफ़्त जाँच, मिलेगा आई हेल्थ पासपोर्ट

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
विश्व दृष्टि दिवस पर एम्स भोपाल में आँखों की मुफ़्त जाँच, मिलेगा आई हेल्थ पासपोर्ट

मुख्य बिंदु: • एम्स भोपाल का नेत्र रोग विभाग 8 अक्टूबर 2026 को विश्व दृष्टि दिवस पर "एम्स की अनोखी पहल" के तहत आई हेल्थ पासपोर्ट जारी करेगा।

• यह सुविधा मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के मूल निवासियों के लिए है। नेत्र ओपीडी में आने वाले पहले 100 मरीजों को प्राथमिकता मिलेगी।

• मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए कतार में नहीं लगना होगा। वे सीधे वॉक-इन के जरिये ओपीडी में जाँच करा सकेंगे।

• विजन टेस्ट, एनसीटी जाँच और ऑटोरैफ जाँच निःशुल्क होगी। इनके आँकड़े आई हेल्थ पासपोर्ट में दर्ज किए जाएंगे।

एम्स भोपाल का नेत्र रोग विभाग इस वर्ष 8 अक्टूबर 2026 को विश्व दृष्टि दिवस बेहद खास अंदाज में मनाएगा। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ) नरेन्द्र कोतवाल (रि) के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आम जनता को जागरूक करने के लिए एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य पहल शुरू की जा रही है।

"एम्स की अनोखी पहल" के अंतर्गत इस वर्ष एम्स भोपाल द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया आई हेल्थ पासपोर्ट (नेत्र स्वास्थ्य पासपोर्ट) जारी किया जाएगा। यह सुविधा मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के मूल निवासियों के लिए होगी।

"पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर विश्व दृष्टि दिवस (8 अक्टूबर) के दिन एम्स भोपाल की नेत्र ओपीडी (नेत्र रोग बाह्य रोगी विभाग) में आने वाले पहले 100 मरीजों (मध्य प्रदेश के निवासी) को प्राथमिकता दी जाएगी। इस विशेष अभियान में मरीजों को ओपीडी की लंबी कतारों में लगकर पर्चा (पंजीकरण पर्ची) बनवाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होगी। मरीज सीधे वॉक-इन (सीधे प्रवेश) के माध्यम से ओपीडी में आकर अपनी आँखों की विस्तृत जाँच करा सकेंगे और अपना व्यक्तिगत आई हेल्थ पासपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे।

आम जनता की सुविधा और आसान समझ के लिए संस्थान तीन प्रमुख जाँचें पूरी तरह निःशुल्क करा रहा है।

पहली जाँच विजन टेस्ट है, यानी बिना चश्मे के और सबसे उपयुक्त चश्मे के साथ देखने की क्षमता की जाँच। इससे चश्मे के नंबर की शुरुआती परख होती है।

दूसरी जाँच एनसीटी (नॉन-कॉन्टैक्ट टोनोमेट्री) है। इसमें आँख को छुए बिना हवा के हल्के दबाव से आँख के अंदरूनी दबाव की जाँच की जाती है। यह काला पानी (ग्लूकोमा) की स्क्रीनिंग (शुरुआती जाँच) में काम आती है।

तीसरी जाँच ऑटोरैफ (ऑब्जेक्टिव रिफ्रैक्शन) है। इसमें आधुनिक कंप्यूटरीकृत मशीन आँखों की फोकसिंग क्षमता और दृष्टि दोष की स्वचालित जाँच करती है।

आई हेल्थ पासपोर्ट आपके स्वास्थ्य दस्तावेज की तरह काम करेगा। इसमें आँखों की जाँच के सभी बुनियादी आँकड़े, यानी दृष्टि, दबाव और रिफ्रैक्शन (चश्मे के नंबर की माप), दर्ज रहेंगे। इसे संभालकर रखने से भविष्य में जब भी आप किसी चिकित्सक के पास जाएंगे, आपकी आँखों का पिछला चिकित्सा रिकॉर्ड एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगा।

विश्व दृष्टि दिवस हर वर्ष अक्टूबर में पूरी दुनिया में आँखों की सुरक्षा, अंधापन निवारण और दृष्टि दोष के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। हमारी आँखें दुनिया को देखने का झरोखा हैं, लेकिन अक्सर हम उनकी देखभाल तब तक नहीं करते जब तक कोई समस्या न आ जाए। लव योर आईज़ अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपनी आँखों के प्रति जागरूक बनाना है। इसका अर्थ है कि हम आँखों को बाहरी नुकसान से बचाएं और नियमित जाँच के माध्यम से उनकी अंदरूनी सेहत का भी ध्यान रखें।

आँखों की देखभाल के लिए एम्स भोपाल ने ये मुख्य सुझाव दिए हैं।

• 20-20-20 का नियम अपनाएं: यदि आप लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल का उपयोग करते हैं, तो हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए कम से कम 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को देखें। इससे आँखों का तनाव कम होता है।

• नियमित जाँच कराएं: साल में कम से कम एक बार नेत्र रोग विशेषज्ञ से अपनी आँखों की जाँच अवश्य करवाएं।

• पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें: अपने भोजन में विटामिन ए, सी, ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, पपीता, मछली और सूखे मेवे आँखों के लिए बेहद फायदेमंद हैं।

• यूवी (पराबैंगनी) सुरक्षा अपनाएं: धूप में निकलते समय हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाला धूप का चश्मा पहनें, जो आँखों को हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से बचा सके।

• पर्याप्त नींद लें: आँखों को आराम देने और तरोताजा रखने के लिए रोज़ 7 से 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है।

• स्क्रीन से उचित दूरी रखें: पढ़ते या काम करते समय स्क्रीन या किताब को आँखों से कम से कम 25-30 सेंटीमीटर दूर रखें और कमरे में पर्याप्त रोशनी रखें।

एम्स भोपाल के नेत्र रोग विभाग का उद्देश्य इस अभियान के जरिये लोगों को यह समझाना है कि आँखों की नियमित जाँच कितनी जरूरी है। "पहले सुखद निरोगी काया" को चरितार्थ करते हुए एम्स भोपाल सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे 8 अक्टूबर 2026 को इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं, अपनी आँखों की मुफ़्त जाँच करवाएं और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए सजग बनें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।