विश्व हृदय दिवस के अवसर पर गढ़वा में मिनी मैराथन, ‘स्वस्थ हृदय, सशक्त जीवन’ का दिया गया संदेश
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विश्व हृदय दिवस के अवसर पर गढ़वा में मिनी मैराथन, ‘स्वस्थ हृदय, सशक्त जीवन’ का दिया गया संदेश, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सीआरपीएफ कमांडेंट समेत युवा, छात्र, चिकित्सक, महिलाएं और आमजनों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग।
Short Headline: विश्व हृदय दिवस के अवसर पर गढ़वा में मिनी मैराथन, ‘स्वस्थ हृदय, सशक्त जीवन’ का दिया गया संदेश
मिनी मैराथन, गढ़वा, बिजेन्द्र
विश्व हृदय दिवस आज स्वस्थ्य हृदय के प्रति जागरूकता उद्देश्य
गढ़वा में मिनी मैराथन का आयोजन ‘स्वस्थ हृदय, सशक्त जीवन’ का दिया गया संदेश
एंकर विश्व हृदय दिवस पर गढ़वा में लोगों को स्वस्थ हृदय के प्रति जागरूक करने के लिए मिनी मैराथन आयोजित हुआ। इस दौड़ में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सीआरपीएफ कमांडेंट समेत युवा, छात्र, चिकित्सक, महिलाएं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। इसके माध्यम से आमजनों को ‘स्वस्थ हृदय, सशक्त जीवन’ का संदेश दिया गया।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ 01. विश्व हृदय दिवस पर गढ़वा में मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान ‘स्वस्थ हृदय, सशक्त जीवन’ का संदेश दिया गया। मौके पर उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि हृदय को स्वस्थ रखना और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना सभी की जिम्मेदारी है।
बाइट- पशुपतिनाथ मिश्रा, डीसी, गढ़वा
वीओ 02. दौड़ना हृदय को मजबूत बनाने और उसकी कार्यक्षमता को सुधारने का सबसे बेहतरीन एवं प्राकृतिक तरीका है। कार्यक्रम में शामिल पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने कहा कि दिल और दिमाग मानव शरीर के महत्वपूर्ण अंग हैं। इन्हें स्वस्थ रखने के लिए नियमित योग, व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या जरूरी है।
बाइट- आशुतोष शेखर, पुलिस अधीक्षक, गढ़वा
वीओ 03. सीआरपीएफ 172वीं बटालियन के कमांडेंट अजय वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य और हृदय के प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।
बाइट- अजय वर्मा, कमांडेंट, सीआरपीएफ 172वीं बटालियन
अंतिम वीओ विश्व हृदय दिवस पर आयोजित इस मिनी मैराथन के जरिए स्वस्थ जीवनशैली और हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इसमें आमजनों की विशेष सहभागिता दिखी।
गढ़वा से बिजेंद्र तिवारी की रिपोर्ट।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
विश्व हृदय दिवस पर गढ़वा की मिनी मैराथन ने दिखाया कि स्वास्थ्य के लिए सामूहिक प्रयास ही सबसे बड़ी शक्ति है। जब भी कोई संघर्ष या असहमतियाँ हों, संवाद और समझदारी से समाधान ढूंढना चाहिए, न कि हिंसा। समाज में सहानुभूति और सहयोग को बढ़ावा देकर हम न केवल अपने दिलों को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि एक सशक्त, एकजुट समुदाय का निर्माण भी कर सकते हैं।