विश्वविद्यालय की तंगहाली:खरगोन यूनिवर्सिटी ने डीएवीवी से 150 करोड़ रुपए उधार मांगे, कहा- सरकार से मिलते ही लौटा देंगे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →डीएवीवी ने कहा- हमारी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि इतना रुपया दे सकें खरगोन की क्रांति सूर्य टंट्या भील यूनिवर्सिटी ने देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से 150 करोड़ रुपए मांगे हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को लिखे पत्र में यूनिवर्सिटी ने लिखा कि नए भवन और संसाधनों के लिए राज्य सरकार ने 150 करोड़ रु.
मंजूर किए हैं। जब तक वह राशि नहीं मिलती, डीएवीवी से 150 करोड़ की आर्थिक सहायता दिलवाई जाए। कहा कि यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद बैठक हाल ही में हुई है। इसमें चर्चा की गई थी कि विश्वविद्यालय की स्वयं की बिल्डिंग तथा संसाधन नहीं होने के कारण बहुत समस्या आ रही है। चूंकि उच्च शिक्षा विभाग ने भवन निर्माण तथा पूंजीगत परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं, लेकिन यह राशि विश्वविद्यालय की स्थापना के दो वर्ष पूर्ण होने के बाद भी प्राप्त नहीं हुई है।
इसी के चलते कार्यपरिषद ने डीएवीवी से 150 करोड़ की राशि देने का आग्रह किया है। शासन से राशि मिलने पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को लौटा दी जाएगी। हालांकि डीएवीवी ने कहा उसकी आर्थिक स्थिति ही ठीक नहीं। मालूम हो, डीएवीवी को पांच जिले हटने से हर साल 17 करोड़ की आर्थिक हानि हो रही है। साथ ही कई सालों से उसके सात विभागों के भवन निर्माण सहित कई प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं।
पैसा नहीं, कैसे बनाएंगे भवन जिलाधीश कार्यालय द्वारा खरगोन यूनिवर्सिटी को 127.56 एकड़ भूमि का आवंटन किया जा चुका है, लेकिन राशि नहीं मिलने से निर्माण व नियुक्ति संबंधी कार्य नहीं हो पा रहे हैं।- मोहनलाल कोरी, कुलपति, खरगोन यूनिवर्सिटी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं यूनिवर्सिटी की आर्थिक स्थिति वैसी नहीं है कि डेढ़ सौ करोड़ रुपए की मदद की जा सके।
पांच जिले दायरे से बाहर होने के कारण डीएवीवी की सालाना आय घटी है।- प्रो.
राकेश सिंघई, कुलपति, डीएवीवी
📡 स्रोत: NewsData.io