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व्यवहार न्यायालय सेमरिया की ज़रूरत और अधिकार, स्थापना के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
व्यवहार न्यायालय सेमरिया की ज़रूरत और अधिकार, स्थापना के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ, क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार पर किया प्रकाश

रीवा/भोपाल, 22 अक्टूबर 2026। सेमरिया में व्यवहार न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। तहसील कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में उन्होंने सेमरिया अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सेमरिया तेजी से विकास कर रहा है और यहां व्यवहार न्यायालय की स्थापना क्षेत्र की आवश्यकता के साथ लोगों का अधिकार भी है। इस मांग को पूरा कराने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी के प्रयासों से सेमरिया क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, अस्पताल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर काम करना है। जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर विकास की जिम्मेदारी सौंपती है, जिसे पूरी निष्ठा के साथ निभाना आवश्यक है।

राजेंद्र शुक्ल ने सेमरिया को स्वर्गीय यमुना प्रसाद शास्त्री की कर्मभूमि बताते हुए कहा कि उन्होंने सदैव जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सुशासन और जनता के सहयोग से ही इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

उप मुख्यमंत्री ने विंध्य क्षेत्र में बाणसागर बांध से हुए लाभ, हवाई सेवाओं और पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किए जा रहे विकास कार्यों का लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा। उन्होंने नागरिकों से क्षेत्र और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ता आम जनता को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सेमरिया में व्यवहार न्यायालय की स्थापना की मांग जनहित से जुड़ी है और इसे पूरा करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।

पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी ने कहा कि उप मुख्यमंत्री के सहयोग से सेमरिया को 26 करोड़ रुपये की लागत से सिविल अस्पताल, 50 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय भवन, स्टेडियम और कॉलेज जैसी सुविधाएं मिली हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में सेमरिया माइक्रो इरिगेशन योजना से लगभग 9 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलने की संभावना है। उन्होंने सेमरिया में सिविल कोर्ट शुरू होने तक लिंक कोर्ट की व्यवस्था करने की मांग भी रखी।

अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सेमरिया में व्यवहार न्यायालय की स्थापना की मांग दोहराई। समारोह में अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष मनोज शुक्ला, डॉ. प्रवीण तिवारी, केके सोहगौरा, राजेश पांडेय, गंगा प्रसाद मिश्रा, मनीष शुक्ला, सुलभ पांडेय, राजकुमार पांडेय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सेमरिया में व्यवहार न्यायालय की स्थापना की मांग पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। यह विषय स्थानीय लोगों के लिए न्यायिक पहुँच को आसान बनाना है, जिससे विवादों का त्वरित समाधान संभव हो सके। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्र में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने का संकेत देती है, जो पहले से ही सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा के बीच है। इसका आम जनता पर असर यह होगा कि नागरिकों को दूरस्थ न्यायालयों की यात्रा से बचकर नज़दीकी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।