राज्य

Xप्लेन: आंदोलन के आगे क्यों झुक रही हैं सरकारें? झारखंड से दिल्ली तक पूरा समीकरण

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Xप्लेन: आंदोलन के आगे क्यों झुक रही हैं सरकारें? झारखंड से दिल्ली तक पूरा समीकरण

पिछले कुछ हफ्तों में भारत की राजनीति में एक साफ पैटर्न दिखा है- एक के बाद एक आंदोलन और एक के बाद एक सरकार की ओर से रियायतें. पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा करवा दिया. फिर मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन के सामने मोहन यादव सरकार ने घुटने टेक दिए. झारखंड में 24 दिन के आंदोलन और 16 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हेमंत सोरेन सरकार को JSSC-CGL समेत आधा दर्जन से ज्यादा परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं. महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे-पाटिल की भूख हड़ताल के बाद सरकार ने उनकी सभी मांगें मान लीं. सवाल यह है कि क्या सच में सरकारें आंदोलनों से डर गई हैं या फिर कोई नई स्ट्रैटजी है...

झारखंड की कहानी: 16 दिन की लड़ाई और बड़ी जीत

यह मामला 2 जुलाई 2026 को शुरू हुआ था. झारखंड के छात्रों ने JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन शुरू किया. धीरे-धीरे यह आंदोलन थमने के बजाय और तेज होता गया. देवेंद्र नाथ महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति जैसे छात्र नेता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए. छात्रों की मांगें थीं:

JSSC-CGL परीक्षा को रद्द किया जाए

TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) से कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए

परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाई जाए

भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो

16 दिनों तक महतो ने रांची के सदर अस्पताल में भूख हड़ताल जारी रखी.

महतो की हालत बिगड़ने लगी, लेकिन वे डटे रहे. आखिरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई. CM सोरेन ने:

JSSC-CGL परीक्षा पूरी तरह रद्द

TDPL से कराई गई सभी परीक्षाएं और उनके नतीजे रद्द

2014 से अब तक की सभी परीक्ष

📡 स्रोत: ABP Live

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।