Xप्लेन: बर्खास्तगी से इस्तीफे तक, NTA कैसे 9 साल में हुआ ध्वस्त

क्वेश्चन पेपर में कई गलतियों के कारण इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के लिए UGC-NET परीक्षा दोबारा कराने की घोषणा के कुछ दिनों बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी परीक्षा टीम में बड़ा बदलाव किया है. एजेंसी ने 600 सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को हटाकर उनकी जगह नए एक्सपर्ट्स को शामिल किया है.
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के तहत आने वाली यह एजेंसी जो NEET-UG 2026 समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में बड़ी गड़बड़ियों को लेकर विवादों में रही है उसने मंगलवार को मंत्रालय को बताया कि वह बहुत तेज़ी से अपने दफ़्तर को नई जगह पर शिफ्ट करेगी और वहां सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स (CISF) की टीमों से सुरक्षा बढ़ाई जाएगी.
NTA अभी ओखला इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थित है. NTA की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षाओं के सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी संचालन के लिए सभी जरूरी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
NTA के महानिदेशक ने बैठक में मंत्री को एजेंसी की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी. नए बदलावों के तहत प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार-स्तरीय प्रणाली शुरू की जाएगी. इसका उद्देश्य प्रश्नपत्रों की जांच को और मजबूत करना और गलतियों की संभावना को कम करना है.
महानिदेशक ने यह भी बताया कि अगले दो से तीन सप्ताह में 20 से 25 अधिकारियों को NTA में शामिल किया जाएगा. एजेंसी की आगे की भर्ती और नियुक्ति योजना की भी समीक्षा की गई है. इसके अलावा, NTA के कार्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर नई जगहों पर स्थानांतरित किया जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टीमों की तैनाती की भी योजना है. 2017 में हुआ था NTA का गठन केंद्र सरकार ने 2017 में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का गठन किया था और 2018 से इसने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का संचालन शुरू किया.
इसका उद्देश्य प्रवेश परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित बनाना थ
📡 स्रोत: ABP Live