Xप्लेन: भारतीय करेंसी का जलवा! कैसे डॉलर-यूरो को पीछे छोड़ आगे निकला रुपया?

भारतीय रुपये ने हाल ही में दुनिया की दो सबसे बड़ी और शक्तिशाली करेंसी अमेरिकी डॉलर और यूरो को एक खास मामले में पीछे छोड़ दिया है. यह बढ़त रुपये की कीमत (वैल्यू) के मामले में नहीं है, बल्कि दुनिया भर के बाजारों में चल रहे नोटों की कुल संख्या के मामले में है.
यह दिलचस्प जानकारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू ने दी. वह इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बैंक इंडोनेशिया के आयोजित ग्लोबल कैश मैनेजमेंट 2026 सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे. तो जानते हैं कि भारतीय नोटों ने कमाल क्या किया है...
किस मामले में रुपया डॉलर-यूरो से आगे? RBI डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू के मुताबिक, भारत में इस समय करीब 176 अरब करेंसी नोट चलन में हैं. यह आंकड़ा अमेरिकी डॉलर और यूरो की तुलना में काफी ज्यादा है. तुलना के लिए देखिए: मुद्रा चलन में नोटों की संख्या भारतीय रुपया (INR)
176 अरब नोट अमेरिकी डॉलर (USD) 56 अरब नोट यूरो (EUR) 30 अरब नोट यानी भारत के पास अमेरिकी डॉलर से लगभग तीन गुना ज्यादा कागजी नोट मौजूद हैं. यूरो के मुकाबले तो यह आंकड़ा लगभग 6 गुना ज्यादा है. यह अंतर क्यों है?
मुर्मू ने स्पष्ट किया कि भारत में नोटों की संख्या इसलिए ज्यादा दिखती है क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था में छोटे मूल्य वाले नोटों (जैसे 10, 20, 50, 100 रुपये) की हिस्सेदारी ज्यादा है. कम कीमत के नोटों से लेन-देन करने के लिए ज्यादा कागज
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar