Xप्लेन: 'फ़र्स्ट-नाइट इफ़ेक्ट' क्या है? क्यों नहीं नई जगह सो पाते हैं लोग

'फ़र्स्ट-नाइट इफ़ेक्ट' का मतलब है नई जगह पर पहली रात सोने के दौरान नींद की गुणवत्ता में कमी आना. यह स्थिति तब देखी जाती है, जब लोग किसी नई जगह, जैसे स्लीप लैबोरेटरी, होटल या किसी अनजान स्थान पर सोते हैं.
इसके लक्षणों में नींद आने के बाद बार-बार जागना, नींद की क्षमता (Sleep Efficiency) कम होना, गहरी नींद में कमी आना और मस्तिष्क की गतिविधियों में बदलाव शामिल हैं.
FNE तब होता है, जब सेंट्रल नर्वस सिस्टम और ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम अनजान माहौल का सामना करते हुए अधिक सतर्क (Hypervigilant) हो जाते हैं.
हालांकि, आमतौर पर बाद की रातों में इसका असर कम हो जाता है, लेकिन इसकी तीव्रता व्यक्ति के स्वभाव, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है. आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं. नई जगह पर कई लोगों को सोने में परेशानी क्यों होती है?
यह सब 'फ़र्स्ट-नाइट इफ़ेक्ट' (पहली रात का असर) की वजह से होता है. इसके मुख्य कारण ये हैं
- आपका दिमाग पूरी तरह नहीं सोता
जब कोई व्यक्ति नई जगह पर पहली बार सोता है, तो उसका दिमाग पूरी तरह आराम की स्थिति में नहीं जाता. खासकर मस्तिष्क का एक हिस्सा अधिक सक्रिय बना रहता है. इसी प्रक्रिया को 'फ़र्स्ट-नाइट इफ़ेक्ट' कहा जाता है. इसकी वजह से व्यक्ति आसपास की आवा
📡 स्रोत: ABP Live