Xप्लेन: गोवा में AAP-GFP गठबंधन, क्या 2027 में दो सीटों से आगे बढ़ पाएगी केजरीवाल की पार्टी?
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2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) ने गोवा के चुनावी रण में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए दो विधानसभा सीटें और 6.77 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया था.
अब पांच साल बाद, पार्टी इसी शुरुआती आधार को और अधिक मजबूत करने की जुगत में है. 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर 'आप' का गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के साथ हाथ मिलाना इस बात का संकेत है कि पार्टी एक क्षेत्रीय सहयोगी, कमजोर होती कांग्रेस और बीजेपी के खिलाफ बढ़ती नाराजगी के सहारे पिछली दो सीटों की सीमा को पार करना चाहती है.
सवाल यह है कि क्या यह रणनीति 'आप' को गोवा में मुख्य विपक्षी ताकत के रूप में स्थापित कर पाएगी?
गोवा में 'आप' की शुरुआती सफलता और राजनीतिक परिदृश्य
2022 का चुनाव 'आप' के लिए गोवा में पहली बड़ी चुनावी उपलब्धि था.
पार्टी ने राज्य की 40 में से 39 सीटों पर चुनाव लड़ा और दक्षिण गोवा की दो सीटों, वेलिम और बेनौलिम पर जीत दर्ज की. कुल 64,354 वोटों के साथ पार्टी का वोट शेयर 6.77 प्रतिशत रहा.
यह आंकड़ा बीजेपी (33.31 प्रतिशत) या कांग्रेस (23.46 प्रतिशत) के मुकाबले भले ही काफी कम था, लेकिन इसने 'आप' को पहली बार गोवा विधानसभा तक पहुंचने का रास्ता जरूर दिया.
गोवा की राजनीति की फितरत रही है कि यहां मुकाबला बेहद बंटा हुआ होता है, जहां कोई भी पार्टी कम सीटें जीतकर भी ठीक-ठाक वोट शेयर हासिल कर सकती है.
उदाहरण के लिए, 2022 में बीजेपी ने 20 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 11 सीटें मिलीं.
वहीं, रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (RGP) को लगभग 9.8 प्रतिशत वोट मिलने के बावजूद सिर्फ एक ही सीट पर संतोष करना पड़ा.
कांग्रेस का पतन और विपक्ष की खाली जगह
2027 के चुनाव का राजनीतिक परिदृश्य 2022 से काफी जुदा होगा.
चुनाव में 11 सीटें जीतने वाली कांग्रेस के आठ विधायक बाद में बीजेपी
📡 स्रोत: ABP Live