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Xप्लेन: 'हाथ पकड़ा, पत्नी बही', 'आंखों के आगे परिवार खत्म'! बाढ़ में बचे लोगों की मुंह जुबानी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 27 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Xप्लेन: 'हाथ पकड़ा, पत्नी बही', 'आंखों के आगे परिवार खत्म'! बाढ़ में बचे लोगों की मुंह जुबानी

'हमारे टीचर चिल्ला रहे थे- भागो... कुछ स्टूडेंट्स को पैनिक अटैक आ गया और वो बेहोश हो गए. मेरे रोंगटे खड़े हो गए हैं, अब भी डर लग रहा है.'

ये शब्द हैं नुवाकोट जिले के त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के 11वीं क्लास के छात्र ग्यान दीप सपकोटा के. 26 अगस्त को जब वो स्कूल में थे, अचानक टीचर्स ने चीखना शुरू कर दिया. त्रिशूली नदी में ऊपर से एक भयानक बाढ़ आ रही थी. यह सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं है.

इस एक्सप्लेनर स्टोरी में उस पूरे इलाके की दर्द भरी दास्तानें है, जहां पानी के सैलाब में स्कूल, घर, बाजार, हाइड्रोपावर प्लांट, पुल, सड़कें और लोग तक बह गए... 'मैंने अपनी पत्नी का हाथ पकड़ा, लेकिन वो बह गई' 68 साल के केशव प्रसाद बराल अस्पताल के बिस्तर पर पड़े हैं.

केशव की आंखों के सामने अब भी वो पल घूम रहा है, जब कीचड़ का वो सैलाब उनके घर में घुसा. केशव ने द गार्जियन को बताया, 'कीचड़ का एक विशाल झोंका सीधे हमारी तरफ आ रहा था. जैसे-जैसे ये करीब आता गया, ये और ऊंचा होता गया.

जब मैंने इसे हमारे घर में आते देखा, तो मैंने अपनी पत्नी का हाथ पकड़ने की कोशिश की और उसे छत पर ले जाना चाहा. लेकिन वो कीचड़ में बह गई.' केशव आगे कहते हैं, 'चार-पांच घंटे बाद एक हेलीकॉप्टर मुझे बचाने आया.

मेरी पत्नी अब भी कहीं कीचड़ के नीचे दबी है. वो चली गई.' नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में अचानक आई बाढ़ के बाद हुए नुकसान के बीच गुजरते लोग 'मेरे परिवार को मेरी आंखों के सामने पानी बहा ले गया' कार्पना मल्ला के आंसू नहीं रुक रहे.

नुवाकोट जिले की रहने वाली कार्पना ने बीबीसी को बताया, 'मेरा परिवार मेरी आंखों के सामने बह गया.' उनके पिता, मां, बहन और बहन के बच्चे सब कुछ उसी पल मिट गया. रोते हुए मल्ला ने कहा, 'वो बाढ़ से बच नहीं पाए.

उन्हें कोई मौका ही नहीं मिला. इस बाढ़ ने सब कुछ छीन लिया.' कार्पना और उनका बेटा किसी तरह एक घर की छत पर चढ़ गए और बच गए. उनका बेटा सुगम कहता है कि उसने अपनी मां का हाथ पकड़ा और उन्हें बचा लिया.

लेकिन इससे पहले, उसने अपना फोन अपनी बहन को दिया था ताकि वो किसी को मदद के लिए बुला सके. अब उस बहन का फोन बंद आ रहा है. वो लापता है. For those seeing the terrifying viral videos from Nepal: experts suspect this is a GLOF (Glacial Lake Outburst Flood).

It's not caused by rain, but by a glacial lake dam breaking upstream in Tibet, releasing a massive wall of water instantly. Devastating. 🇳🇵🌊 #NepalFlood #GLOF pic.twitter.com/ofvenPUtW3

— Unit News (@Unit_News) August 26, 2026 'अगर वो आम का पेड़ न होता, तो मैं बहकर मर जाता' बिदुर में 24 साल के मजदूर बिबेक कुमाल एक नए घर के बाहर 5 फीट गहरा गड्ढा खोद रहे थे. अचानक उन्हें एक सीटी जैसी आवाज सुनाई दी. उनके चारों साथी चिल्लाने लगे भागो, गड्ढे से बाहर निकलो.

बिबेक ने काठमांडू के नेशनल ट्रॉमा सेंटर में बिस्तर पर लेटे हुए बताया, 'मैं दौड़ने लगा. फिर पानी की एक दीवार ऐसे गरजती हुई आई जैसे भूकंप आया हो. मुझे कीचड़ और मलबे के बीच बहा ले गया, लेकिन किस्मत से मैं एक आम के पेड़ पर फंस गया. अगर वो पेड़ न होता, तो मैं बहकर मर जाता.' 'पूरा बाजार गायब हो गया'

रसुवा में कस्टम अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि उन्हें जमीन हिलती महसूस हुई. बाहर भागे तो ऊपर से एक विशाल लहर आ रही थी. ढुंगाना ने काठमांडू पोस्ट को बताया, 'ये बाढ़ करीब 100 मीटर ऊंची लहर जैसी थी, जो पूरे बाजार में बह गई. कुछ ही पलों में बाजार गायब हो गया.'. कस्टम चौकी पर खड़ी 300 से ज्यादा गाड़ियां और ट्रक बह गए.

จากเมืองเล็กๆที่สวยมากๆๆ หายวาบไปภายในเวลาไม่กี่นาที😳 จากภัยธรรมชาติ ขอให้ทุกคนปลอดภัย😭#น้ําท่วมเนปาล #Nepal pic.twitter.com/t1CsULUtca — Pu Plaifah (@Plaifahzhang) August 26, 2026 'सारी फसलें, सारा अनाज बह गया'

गोमा पंडित ने अपनी सारी संपत्ति खो दी. उनकी भैंस समेत सारे जानवर बह गए. पंडित कहती हैं, 'मेरा खेत भी बह गया. सरसों के 10 बोरे, टनों मक्का और धान सब कुछ चला गया. कुछ नहीं बचा.' 'लोग भाग रहे थे, चीख रहे थे' नुवाकोट के त्रिशूली बाजार में एक व्यापारी की कपड़े की दुकान थी.

व्यापारी ने मीडिया को बताया कि बाढ़ इतनी तेज आई कि लोगों को भागने का मौका ही नहीं मिला. व्यापारी ने आगे कहा, 'सुबह प्रशासन वालों ने बताया कि भोटे कोशी नदी पर तिब्बत की तरफ से बांध टूट गया है, पानी आ रहा है. ऊंची जमीन की तरफ भागो.' लेकिन कुछ ही लोग समय पर पहुंच पाए. बाढ़ ने कई लोगों को पलक झपकते ही बहा दिया.

उनके 18 साल के बेटे और पत्नी भी लापता हैं. नेपाल में परिवार से बिछड़ने के बाद रोती युवती 'हमने ज्वालामुखी फटने जैसी तेज आवाज सुनी' रसुवा के एक स्वास्थ्य कर्मी तुला बहादुर बीके ने बताया, 'ये सब अचानक आया. हमने बहुत तेज आवाज सुनी, जैसे कोई ज्वालामुखी फट रहा हो.

लोग चीखने लगे और भागने लगे. जिधर भी देखो, तबाही ही तबाही है. नदी के किनारे बसी बस्तियां पूरी तरह बह गई हैं.' तबाही का हिसाब आंकड़ों से परे हर आंकड़े के पीछे एक इंसान है, एक परिवार है, एक तबाह सपना है. नेपाल में अब तक 165 से ज्यादा शव बरामद हो चुके हैं.

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफले ने कहा है, 'ये संख्या और बढ़ेगी, क्योंकि हमने तलाश फिर से शुरू कर दी है और और शव मिलने की आशंका है.'

नेपाल में लापता 826 लोगों में 177 भारतीय, 63 अमेरिकी, 34 ऑस्ट्रेलियाई, 33 ब्रिटिश और 25 कनाडाई नागरिक शामिल हैं. तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 558 लोग लापता हैं. इनमें 260 विदेशी नागरिक हैं.

दोनों देशों को मिलाकर 1,300 से ज्यादा लोग लापता हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, 644 पर्यटक अब भी संपर्क से बाहर हैं. बचाव की उम्मीद की एक किरण

5,000 से ज्यादा सेना और पुलिसकर्मी, 14 हेलीकॉप्टर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. अब तक 125 लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें 20 विदेशी शामिल हैं. लेकिन केशव की पत्नी अब भी कीचड़ के नीचे है.

कार्पना मल्ला के मां-बाप, बहन और भांजे-भांजी सब बह गए. बिबेक के साथी कहां हैं, पता नहीं. वो व्यापारी का 18 साल का बेटा अब भी लापता.

📡 स्रोत: NewsData.io

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