Xप्लेन: इन्फ्लेडेटिंग क्या है? महंगी डेट्स से क्यों दूर हो रही Gen Z और मिलेनियल्स, डेटा से समझिए

आजकल प्यार को बाजार से जोड़ कर देखा जाता है. कई लोग ऐसा मानते हैं कि अपने पार्टनर को किसी खास मौके पर महंगे तोहफे देना प्यार के लिए जरूरी है. जबकि हकीकत ये है कि कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें पैसे से नहीं खरीदा जा सकता. प्यार उनमें से एक है. हालांकि नई जेनरेशन में प्यार से पहले एक चीज आती है वो है डेटिंग.
डेटिंग में नई जेनरेशन काफी खर्च करती रही है लेकिन अब ट्रेंड बदल गया है. आज के ज़माने का प्यार पेचीदा हो गया है. महंगाई की मार प्यार पर भी पड़ रही है. 2026 में डेटिंग के साथ पैसों की चिंताएं भी जुड़ी हैं. बजट-फ्रेंडली डेट्स अब आम बात हो गई हैं. इसी दुनिया को 'इन्फ्लेडेटिंग' (infladating) या 'डेटफ्लेशन' (dateflation) की दुनिया कहते हैं. आइए समझते हैं ये क्या है.
इन्फ्लेडेटिंग क्या है?
बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डालते हैं. आपकी लव लाइफ भी इससे अछूती नहीं है, और इसकी शुरुआत डेटिंग से ही होती है. जब Gen Z और मिलेनियल्स आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तो रिश्तों के बारे में बात करते समय 'इन्फ्लेडेटिंग' शब्द अक्सर सामने आता है. 'इन्फ्लेशन' (महंगाई) और 'डेटिंग' शब्दों को मिलाकर बना यह शब्द, बजट की तंगी के बीच डेट्स पर होने वाले खर्च को लेकर समझदारी बरतने की ओर इशारा करता है.
'इन्फ्लोडेटिंग' लगातार बढ़ रही है. इसको लेकर ग्लोबल मैचमेकिंग फर्म 'एक्सक्लूसिव मैचमेकिंग' की CEO और मैचमेकर सुज़ैन ट्रॉम्बेट्टी ने भी बयान दिया है. उन्होंने VICE से कहा, "महंगाई की वजह से खर्च बढ़ रहे हैं, और रिश्तों की दुनिया में 'इन्फ्लोडेटिंग' (infladating) नाम का एक नया ट्रेंड शुरू हुआ है. इसका मतलब है बढ़ती कीमतों के कारण डेट्स पर होने वाले खर्च को लेकर ज़्यादा सोच-समझकर चलना."
अमेरिका में सिंगल लोग साथी की तलाश में होने वाले खर्च में कटौती कर रहे हैं. वे दिखावे या बड़े-बड़े खर्चों के बजाय सस्ती एक्टिविटीज़ चुन रहे हैं.
अमेरिकी डेटिंग पर कितना खर्च कर रहे हैं?
अमेरि
📡 स्रोत: ABP Live