देश

Xप्लेन: 'कश्मीर भारत का हिस्सा', US एम्बेसडर सर्जियो के बयान से इंडिया के लिए क्या मायने?

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Xप्लेन: 'कश्मीर भारत का हिस्सा', US एम्बेसडर सर्जियो के बयान से इंडिया के लिए क्या मायने?

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 19 अगस्त 2026 को जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे के दौरान एक ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे साउथ एशिया की राजनीति को हिलाकर रख दिया.

श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद गोर ने कहा, 'यह भारत का एक अहम हिस्सा है.' यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में सेना के खिलाफ अभियान तेज हैं.

यह संयोग नहीं, बल्कि एक नई अमेरिकी नीति का संकेत है. तो आखिर इस बयान का भारत और दुनिया के स्तर पर क्या महत्व है और पाकिस्तान पर क्या फर्क पड़ेगा... 15 साल बाद अमेरिकी राजदूत का कश्मीर दौरा सर्जियो गोर सिर्फ भारत में अमेरिकी राजदूत नहीं हैं.

वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत भी हैं. जनवरी 2026 में पद संभालने के बाद कश्मीर का यह उनका पहला दौरा है. पिछले 15 सालों में कोई अमेरिकी राजदूत कश्मीर नहीं गया था.

यह दौरा अपने आप में एक बड़ा राजनयिक बदलाव है. खास बात यह है कि गोर ने सिर्फ श्रीनगर ही नहीं, बल्कि लद्दाख का भी दौरा किया. यह भारत का केंद्र शासित प्रदेश है और चीन-भारत सीमा विवाद का अहम हिस्सा है. सर्जियो गोर के बयान के राजनीतिक मायने क्या हैं?

गोर का बयान, 'यह भारत का एक अहम हिस्सा है' शब्दों में छोटा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बहुत गहरे हैं.

पिछले कुछ दशकों में अमेरिका ने कश्मीर मुद्दे पर हमेशा एक 'मध्यस्थ' या 'तटस्थ' रुख अपनाया था. 1990 के दशक में अमेरिकी राजदूतों ने कश्मीर का दौरा तो किया, लेकिन उन्होंने कभी इतने स्पष्ट शब्दों में कश्मीर को 'भारत का हिस्सा' नहीं कहा था. विदेश मामलों के जानकार और JNU के प्रोफेसर डॉ.

राजन कुमार कहते हैं, 'गोर का यह बयान वाशिंगटन के जुड़ाव के तरीके में एक महत्वपूर्ण बद

📡 स्रोत: ABP Live

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।