Xप्लेन: PM मोदी के बयान का पाकिस्तान-अफगानिस्तान के लिए असली मतलब क्या? एक्सपर्ट्स से समझें
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1 सितंबर 2026 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन का मंच. एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ.
इसी कमरे में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान.
तभी PM मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को आतंकवाद पर करारा जवाब दिया और अफगानिस्तान के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई. आखिर PM मोदी के बयान के रणनीतिक मायने और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के लिए पैगाम क्या है... PM मोदी ने पाकिस्तान को क्या संदेश दिया?
PM मोदी ने संबोधन में सबसे कड़ा बयान आतंकवाद को लेकर दिया. PM मोदी ने कहा, 'आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता.' ये बयान सीधे तौर पर पाकिस्तान की उस पुरानी नीति पर निशाना था, जिसके तहत वह भारत के खिलाफ आतंकी गुटों को समर्थन देता रहा है.
PM मोदी ने कहा, 'आतंकवाद से निपटने को लेकर दोहरे मापदंड कतई बर्दाश्त नहीं किए जा सकते, इस पर सभी को एक साथ आवाज उठानी चाहिए. हमें आतंकवाद के पूरे तंत्र यानी उसकी फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों को खत्म करना होगा.'
PM मोदी ने कहा कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसके खिलाफ लड़ाई 'एक्शन-रिएक्शन' की सोच से आगे बढ़नी चाहिए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, PM मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को फटकार लगाई.
PM मोदी ने कहा, 'जो देश आतंकवाद को अपनी नीति का हथियार बनाते हैं, आतंकियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए.' PM मोदी के बयान से पाकिस्तान को क्या संदेश दिया गया? एक्सपर्ट्स क
📡 स्रोत: ABP Live