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Xप्लेन: व्हाइट हाउस की रिपोर्ट में भारत का नाम क्यों? ट्रांसशिपमेंट विवाद का क्या असर पड़ेगा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Xप्लेन: व्हाइट हाउस की रिपोर्ट में भारत का नाम क्यों? ट्रांसशिपमेंट विवाद का क्या असर पड़ेगा

अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के कई देशों पर फिर एक गंभीर आरोप लगाया है. एक नई रिपोर्ट में ट्रंप सरकार ने आरोप लगाया गया है कि भारत उन 40 देशों में शामिल है जो एक गुप्त ट्रांस-शिपमेंट नेटवर्क के ज़रिए चीन को ट्रंप के टैरिफ़ से बचने में मदद कर रहे हैं. व्हाइट हाउस ने 'द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम: राइज़, स्कोप, एंड कॉस्ट्स नाम की एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट 25 पेजों में विस्तार से लिखा गया है कि चीनी एक्सपोर्टर अमेरिका के ऊंचे टैरिफ़ से बचने के लिए 40 से ज़्यादा देशों के ज़रिए सामान भेज रहे हैं.

पीटर नवारो के नेतृत्व में व्हाइट हाउस के 'ऑफ़िस ऑफ़ ट्रेड एंड मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी' द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 में चीन के ख़िलाफ़ लागू किए गए 'सेक्शन 301' टैरिफ़ ने अमेरिका को होने वाले सीधे चीनी एक्सपोर्ट को तो कम किया, लेकिन साथ ही इसने दुनिया भर में एक ट्रांस-शिपमेंट नेटवर्क को भी जन्म दिया.

रिपोर्ट के अनुसार, चीनी उत्पादों को अमेरिका भेजने से पहले उन देशों में भेजा जाता है जहां अमेरिकी टैरिफ दरें कम हैं. वहां इन उत्पादों पर नए लेबल लगाए जाते हैं, उनकी पैकेजिंग बदली जाती है, नए इनवॉइस बनाए जाते हैं या उन पर थोड़ी-बहुत प्रोसेसिंग की जाती है, ताकि उन्हें किसी दूसरे देश का उत्पाद बताकर अमेरिका भेजा जा सके.

रिपोर्ट में इस सिस्टम को "शैडो ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क" कहा गया है. इस समस्या के दायरे को समझाने के लिए रिपोर्ट में सालाना ट्रांसशिपमेंट या इससे जुड़े व्यापार के पांच अलग-अलग अनुमान दिए गए हैं जैसे गोल्डमैन सैक्स का $40 बिलियन, व्हाइट हाउस काउंसिल ऑफ़ इकोनॉमिक एडवाइजर्स का $60 बिलियन, एक्सिगर का $75 बिलियन, अमेरिकी वाणिज्य विभाग का $109 बिलियन और अल्टाना का $303 बिलियन. इसमें यह भी बताया गया है कि ये अनुमान अलग-अलग तरीकों पर आधारित हैं, इसलिए इनकी सीधे तुलना नहीं की जा सकती.

ट्रांसशिपमेंट क्या है?

ट्रांसशिपमेंट का मतलब है सामान को उसकी आखिरी मंज़िल तक पहुंचने से पहले किसी दूसरे देश से होकर ले जाना. कुछ मामलों में यह ग्लो

📡 स्रोत: ABP Live

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