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याद करो जब...भारत का नाम लेकर हूतियों ने पाकिस्तान को दी सीधी धमकी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
याद करो जब...भारत का नाम लेकर हूतियों ने पाकिस्तान को दी सीधी धमकी

मिडिल ईस्ट के रण में एक ऐसा खतरनाक खेल शुरू हो चुका है जिसने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। 100 लड़ाकू विमान आसमान में आग बरसा रहे हैं। रनवे पर मिसाइलें गिर रही हैं और ठीक इसी बारूदी बवंडर के बीच यमन के हुतियों ने एक ऐसा दांव चल दिया है जिसने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जनरल असीम मुनीर के होश उड़ा दिए हैं।

हुतियों ने कैमरे के सामने आकर सीधे तौर पर भारत का नाम ले लिया और पाकिस्तान को ललकारते हुए कहा कि याद करो जब भारत के साथ तुम्हारा टकराव था तब हम तुम्हारे साथ खड़े थे और आज तुम हमारे बच्चों पर सऊदी के लिए बम गिराने चले आए। दरअसल लाल सागर और यमन की सीमा पर तनाव कोई नया नहीं है। लेकिन पिछले कुछ दिनों में जो हुआ उसने सीधे सऊदी अरब के मुख्य शहरों को हिलाकर रख दिया।

सऊदी अरब के दो बेहद अहम हवाई अड्डों किंग खालिद और आभा एयरपोर्ट पर हूतियों ने एक साथ कई बैलेस्टिक मिसाइलें और ड्रोंस ताक दिए। इन हमलों में तीन मासूम लोगों की जान चली गई और 36 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए। हमले इतने सटीक और घातक थे हुतियों के कि रियाद से लेकर वाशिंगटन तक खलबली मच गई।

इसके बाद जवाब देने के लिए केवल सऊदी अरब ही आगे नहीं आया बल्कि इस्लामाबाद से एक ऐसा बयान आया जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने फ़ौरन सोशल मीडिया पर आकर सऊदी अरब की संप्रभुता के लिए जान की बाजी लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने सऊदी सेना की एयर डिफेंस क्षमता की जमकर तारीफ की।

लेकिन उनके बयान में जो सबसे बड़ा खुलासा था वो था मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट। शहबाज शरीफ ने साफ कर दिया कि सऊदी, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए इस समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। अब जैसे ही सऊदी के दो एयरपोर्ट्स पर मिसाइलें गिरती हैं। 5 अक्टूबर को रियाद में इस पैट को आधिकारिक तौर पर सक्रिय कर दिया गया।

एक्टिव कर दिया गया। अब पैट सक्रिय होते ही पाकिस्तान ने अपनी सैन टुकड़ियों और तकनीकी अमले को सऊदी अरब रवाना कर दिया। शहबाज शरीफ ने यूएन के मन से लेकर अपने बयानों में दोहराया बार-बार कि मक्का और मदीना की हिफाजत पाकिस्तान की रेड लाइन है और इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता है। चलिए अब जानते हैं फाइटर जेट्स की बमबारी के बारे में।

देखिए इधर पैक एक्टिव होता है उधर यमन के आसमान में बारूद की बरसात होती है। सऊदी अरब के समर्थन में यमनी सरकार सेना ने रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग यानी कि बाप अलमदेव स्ट्रीट के पास स्थित धुबाप शहर पर चौतरफा हमला बोल दिया और उसे हुतियों के कब्जे से छीन लिया।

सऊदी और मित्र देशों के करीब 100 फाइटर जेट ने हुतियों के गोला बारूद को गोदामों, बंकरों और कमांड सेंटरों पर भीषण बमबारी की। लेकिन हूती भी पीछे हटने वाले में से नहीं थे। हुतियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए रियाद आभा और राबिक में स्थित विशाल आराम को तेल रिफाइनी की तरफ लंबी दूरी की क्रूज और बैलेस्टिक मिसाइलें दाग दी।

पूरा इलाका बारूदी धुएं से भर गया और ठीक इसी बीच न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट छाप दी कि पाकिस्तान इस जंग में हवाई मदद और ड्रोन डिफेंस के जरिए सीधे तौर पर शामिल है। हालांकि फजीहत से बचने के लिए पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने फौरन इसे खारिज कर दिया। लेकिन हकीकत यह है कि सऊदी की जमीन पर पाकिस्तानी फौज का साया साफ दिखाई दे रहा है।

यमन की हूती सरकार के कार्यवाहक विदेश मंत्री हैं अब्दुल वाहिद अबू रास ने कैमरे के सामने आकर सीधे पाकिस्तान और तुर्की को चेतावनी दी कि वे सऊदी अरब की इस गंदी लड़ाई का मोहरा बिल्कुल ना बने। अब इसके आगे अबू राज ने सीधे तौर पर कहा कि सऊदी अरब तुम्हें फिलिस्तीन को आजाद कराने के लिए नहीं बुला रहा बल्कि यमन के निर्दोष लोगों के कत्लेआम में अपना साझेदार बनाने के लिए फंसा रहा है और इसके ठीक बाद उन्होंने वो पत्ता फेंका जिसने पाकिस्तान के हुक्मरानों को लाजवाब कर दिया।

अबू रास ने कहा कि पाकिस्तान आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है और उसका भारत के साथ टकराव है। जब-जब भारत के साथ पाकिस्तान का विवाद हुआ, हमने भारत के खिलाफ खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया। हम पाकिस्तान को एक दोस्त इस्लामी मुल्क मानते हैं। लेकिन आज जब वही पाकिस्तान सऊदी के इशारे पर हम पर हमले करेगा तो ये पीठ में छुरा घोंपने जैसा होगा।

📡 स्रोत: NewsData.io

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