'यह कैसा पाखंड है...', क्यों बुरी तरह भड़क उठे सुनील गावस्कर

भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर बुरी तरह भड़क उठे हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट को निशाने पर लिया, जो मैके में खेला गया था. मुकाबला मात्र 2 दिन के भीतर खत्म हो गया था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने पारी और 51 रनों के अंतर से जीत दर्ज की.
गावस्कर का कहना है कि भारत में अगर कोई टेस्ट मैच 2 दिन में खत्म हो गया होता, तो बात का बतंगड़ बना दिया जाता. गावस्कर ने उन लोगों को पाखंडी भी कहा, जो भारतीय पिचों पर तुरंत भड़क उठते हैं. बांग्लादेश ने पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हरा दिया था.
गावस्कर ने आरोप लगाया कि शर्मसार होने से बचने के लिए ऑस्ट्रेलिया की ओर से जानबूझकर तेज और अधिक बाउंस वाली पिच तैयार की गई. इसी का नतीजा रहा कि बांग्लादेश दोनों पारियों में 100 रन का आंकड़ा भी नहीं छू पाया. यहां तक कि ऑस्ट्रेलियाई टीम खुद 210 रनों पर सिमट गई थी. यह कैसा पाखंड है...
सुनील गावस्कर यह देखने को उत्सुक हैं कि मैच रेफरी मैके की पिच को किस तरह से रेट करता है. उनके अनुसार आमतौर पर रेफरी की इच्छा रहती है कि उन्हें मीडिया से तारीफ मिले, इसलिए पिचों को खराब रेटिंग नहीं दी जाती है.
गावस्कर ने दावा किया कि इसी वजह से मैके की पिच को शायद ही कोई खराब रेटिंग मिलेगी, क्योंकि हाल के वर्षों में खराब पिचों को लेकर ऐसा ही होता आया है.
'लिटिल मास्टर' ने सवाल खड़े करते हुए कहा, "देखिए तो सही, भारत में कोई मैच 3 दिन के भीतर समाप्त हो गया होता, तो पिच BCCI और भारतीय क्रिकेट के बारे में तरह-तरह की अपमानजनक बातें और इशारे किए जाएंगे. यह पाखंड इतना बेशर्मी भरा है, जिसपर यकीन करना मुश्किल है."
यह भी पढ़ें: सितंबर में BCCI की सालाना बैठक, भारत में नई टीम लाने पर होगी चर्चा!
<h4 style="text-al
📡 स्रोत: ABP Live Khel