विदेश

यमन में हूती हमलों के पीछे ईरान का हाथ? तेहरान ने अमेरिकी दावे को बताया बेबुनियाद

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यमन में हूती हमलों के पीछे ईरान का हाथ? तेहरान ने अमेरिकी दावे को बताया बेबुनियाद

ईरान के व‍िदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता इस्‍माइल बाघेई ने हूती हमलों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पर तीखा हमला बोला। बाघेई ने रुबियो के उस बयान की कड़ी आलोचना की, ज‍िसमें उन्‍होंने कहा क‍ि था क‍ि हूती समूह कई मायनों में ईरान के एजेंट और प्रॉक्सी हैं। इसके पीछे स्पष्ट रूप से ईरान का हाथ है।

गुरुवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस्‍माइल बाघेई ने ल‍िखा, "मार्को रुबियो के आरोप तथ्यों की जगह नहीं ले सकते। अंसारल्लाह (हूती समूह) एक स्वतंत्र यमनी पक्ष है, जो अपने फैसले खुद लेता है। वह किसी के आदेश पर काम नहीं करता और न ही किसी देश का प्रतिनिधि बनकर काम करता है।

क्षेत्र में अस्थिरता की असली वजह अमेरिका की सैन्य दखलअंदाजी और प्रभुत्व कायम करने वाली नीतियां हैं। अगर वॉशिंगटन सच में शांति चाहता है तो उसे एक आसान कदम उठाना चाहिए और वह है हमारे क्षेत्र में नुकसान पहुंचाने वाली तथा अस्थिरता बढ़ाने वाली दखलअंदाजियों को खत्म करना। बमबारी या बाहरी दबाव के जरिए यमन में शांति नहीं लाई जा सकती।

इसकी शुरुआत ईमानदार बातचीत से होती है, जो सभी पक्षों की ओर से पहले से तय किए गए रोडमैप और समझौतों के आधार पर आगे बढ़े।" सऊदी अरब में हो रहे हूती हमले को लेकर पत्रकार के सवालों का जवाब देते हुए मार्को रुबियो ने आरोप लगाया था क‍ि हूथी समूह कई मायनों में ईरान के एजेंट और प्रॉक्सी हैं।

अमेरिकी व‍िदेश व‍िभाग के अनुसार, रुबियो ने कहा क‍ि मेरा मानना है कि कई मायनों में हूती ईरान के सहयोगी और उसके प्रभाव में काम करने वाले समूह हैं। मुझे लगता है कि इन घटनाओं के पीछे कहीं न कहीं ईरान की भूमिका साफ तौर पर दिखाई देती है। अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रक्षा और सैन्य सहयोग के बहुत मजबूत संबंध हैं और हम इन घटनाओं पर बहुत करीबी नजर रखे हुए हैं।

उन्‍होंने कहा क‍ि यह स्थिति कुछ समय से चल रही है। मेरा मानना है कि जमीनी स्तर पर भी कुछ सैन्य अभियान हुए हैं, जहां यमन की सेना हूतियों का मुकाबला कर रही है और उनकी कुछ आगे बढ़ने की कोशिशों को पीछे धकेल रही है। जैसा कि मैंने कहा, हम हालात पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए हैं। हालांकि, रक्षा से जुड़े मामलों पर टिप्पणी के लिए मैं रक्षा विभागको ही उचित मानता हूं।

(DISCLAIMER: खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है.

न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।