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यमनी सेना ने बाब अल-मंडेब पर किया कब्जा, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यमनी सेना ने बाब अल-मंडेब पर किया कब्जा, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Yemen Captures Bab Al Mandab: अमेरिका ईरान संघर्ष के बीच यमन ने बड़ा कदम उठाया है. यमनी सरकारी बलों ने बाब अल-मंडेब जिले पर कब्जा कर लिया है.

सैन्य सूत्रों के मुताबिक, सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास अहम इलाकों पर कब्जा कर लिया है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि तीन सैन्य अधिकारियों और एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि सरकारी बलों ने धुबाब जिले के बड़े हिस्से पर नियंत्रण हासिल कर लिया है. यह इलाका बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के सामने स्थित है.

बता दें कि यमनी सरकारी बल हौथी विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं.

उनका मकसद पिछले महीने हौथियों की बढ़त को रोकना और उन्हें इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से पीछे धकेलना है.

अधिकारियों के मुताबिक, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की भारी हवाई मदद से सरकारी बल इलाके पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने ब्रिटिश एयरबेस से वापस बुलाए अपने सभी B-1 बॉम्बर विमान, ट्रंप ने इस वजह से लिया फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार ने रविवार को हौथियों से इलाका वापस लेने के लिए सैन्य अभियान शुरू करने का ऐलान किया.

राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने कहा कि जब तक देश को हौथी मिलिशिया के कब्जे से मुक्त नहीं करा लिया जाता, तब तक लड़ाई जारी रहेगी.

यमन में फिर भड़का गृहयुद्ध अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद यमन में पहले से दबा हुआ गृहयुद्ध फिर भड़क गया है. कई हफ्तों से अलग-अलग मोर्चों पर लड़ाई जारी है. हौथी बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं.

साथ ही, वे सऊदी शहरों और वहां की अहम सुविधाओं को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बना रहे हैं.

ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने से खाड़ी देशों से तेल का निर्यात पहले ही प्रभावित है.

ऐसे में यमन की लड़ाई ने तेल की सप्लाई के एक और अहम समुद्री रास्ते को खतरे में डाल दिया है.

इससे दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं और पहले से तनावग्रस्त मध्य पूर्व में नए खतरे पैदा हो गए हैं.

सऊदी अरब दे रहा सैन्य मदद सऊदी अरब यमनी सरकारी बलों को हथियार और सैन्य प्रशिक्षण देने के साथ हवाई हमलों के जरिए भी मदद कर रहा है.

सऊदी अरब का मकसद हौथियों को पीछे धकेलना, लाल सागर में जहाजों की आवाजाही सामान्य करना और अपने क्षेत्र पर हौथी हमले रोकना है. इसके लिए सऊदी अरब ने सहयोगी देशों से लॉजिस्टिक मदद भी मांगी है.

कई इलाकों में चल रही लड़ाई यमन में कई इलाकों में लड़ाई चल रही है, लेकिन सबसे ज्यादा हिंसा देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में हो रही है.

यहां बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास तटीय इलाकों और तैज़ शहर के आसपास की पहाड़ियों में भीषण संघर्ष जारी है. हौथी लड़ाके सरकारी बलों को घेरने की कोशिश कर रहे हैं.

सोमवार को हौथी समर्थित एक समाचार एजेंसी ने सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि हौथी लड़ाकों ने तैज प्रांत के अल-मवासित जिले से सरकारी सैनिकों को पीछे हटा दिया है.

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि हौथी लड़ाके अंतरिम राष्ट्रपति परिषद के प्रमुख रशाद अल-अलीमी के घर तक पहुंच गए हैं. अल-मवासित का पहाड़ी इलाका तैज़ से अदन जाने वाली मुख्य सड़क के पास है.

यह सड़क सरकारी बलों के लिए तैज शहर में पहुंचने का आखिरी प्रमुख रास्ता थी. गृहयुद्ध शुरू होने के बाद से तैज़ लगातार संघर्ष का अहम केंद्र बना हुआ है.

यह भी पढ़ें: रूस ने यूक्रेन में तेज किए हमले, कीव के नॉर्दर्न ब्रिज पर किया घातक ड्रोन अटैक; राजधानी के पुलों पर मंडरा रहा खतरा 2014 से चल रहा संघर्ष यमन में संघर्ष 2014 में हौथियों द्वारा राजधानी सना पर कब्जा करने के बाद शुरू हुआ, जिसके चलते सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अगले वर्ष सरकार को बहाल करने और ईरान समर्थित समूह को सत्ता से हटाने के उद्देश्य से हवाई अभियान के साथ हस्तक्षेप किया.

📡 स्रोत: NewsData.io

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