'ये शिव का डांस, 200 अधिकारी संपर्क में, ज्ञानेश सो नहीं पाते...', राहुल गांधी की बड़ी बातें
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रामक राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि उनका प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है.
उन्होंने चलो दिल्ली मार्च से पहले सोमवार (12 अक्टूबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के बारे में हर जानकारी हमें मिल रही है, वो रात को सो नहीं पाते, आपको हम छोड़ेंगे नहीं.
1. राहुल गांधी से जब पूछा गया कि ज्ञानेश कुमार के बाद का क्या प्लान है, आप कह रहे हैं कि ये सरकार भी जाएगी...तो इसपर राहुल गांधी ने कहा कि मेरी बहन प्रियंका गांधी से बातचीत हुई.
मैंने उसे कहा कि ये ये शिव का डांस है, शिव बारात है. कोई प्लान नहीं है. हमने कोई प्लान नहीं किया है. प्लान ये था कि बस में जाएंगे, रोका जाएगा...बगैर प्लान का काम किया. सफलता मिली. शिव का डांस चल रहा है.
कोई भी आ सकता है.
2. राहुल गांधी ने सभी दलों और आम लोगों, पत्रकारों और एक्टिविस्ट से चलो दिल्ली मार्च में शामिल होने की अपील की.
उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता भी शामिल हो सकते हैं. जो लोग हमारे साथ हैं, वो शामिल नहीं हो सकते हैं. वो अपने मन में ही हमारे साथ आएं.
इंडिया गठबंधन का मार्च आज दोपहर डेढ़ बजे दिल्ली के बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक जाने वाला है.
3. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की तरफ से मुलाकात नहीं करने के फैसले पर राहुल गांधी ने कहा कि हम चीफ जस्टिस का सम्मान करते हैं, हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं, और हमें इस बात की खुशी है कि उन्होंने हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है.
क्योंकि हमसे यह कहना कि हम याचिका दायर कर सकते हैं, आगे बढ़ने का ही एक रास्ता है. हम वहां जाएंगे और याचिका दाखिल करेंगे.
4. सीईसी पर राहुल गांधी ने कहा कि आप को सीधे तौर पर कह रहा हूं, आप बतौर सीईसी बचोगे नहीं. पूरा का पूरा जो हो रहा है, लाखों लोग आपके व्यवहार के बारे में सवाल पूछ रहे हैं.
ये रुकेंगे नहीं. रुकेंगे क्यों नहीं, क्योंकि आपके सामने भी लोग हैं. उन तक पहुंचने के लिए हमें आपको हटाना है. आपके बारे में हमें सूचना है, आपके भ्रष्टाचार के बारे मे
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी आलोचना को तेज कर दिया है, यह दावा करते हुए कि उनके बारे में हर जानकारी उनके पास है और वे रात को सो नहीं पाते। यह विषय चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निगरानी की भूमिका पर प्रकाश डालता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि राजनीतिक दलों के भीतर भी चुनावी अधिकारियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर चर्चा शुरू होती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि वे चुनावी प्रक्रियाओं में अधिक जागरूक