युद्ध में पुरुषों व लड़कों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा: चुप्पी तोड़ना ज़रूरी

युद्ध एवं हिंसक टकरावों के दौरान आम नागरिकों और हिरासत में रखे गए लोगों के साथ गम्भीर दुर्व्यवहार हो सकता है. ऐसे अपराधों को दर्ज करना ही काफ़ी नहीं है; यह सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है कि हर पीड़ित की पहचान हो, उसे संरक्षण मिले और वह न्याय व ज़रूरी सहायता तक पहुँच सके.
📡 स्रोत: NewsData.io