युद्ध संकट के बीच बिश्केक में मिले पीएम मोदी और पेजेश्कियान, क्या है मुलाकात के मायने?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार (31 जुलाई) को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। इस दौरान वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। एससीओ की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की।
बता दें, अमेरिकी और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है। PM ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात हुई। हमने ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को अलग-अलग क्षेत्रों में और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।
हम आने वाले समय में अपने व्यापार के दायरे को बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहते हैं। हमने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चर्चा की। भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने की दिशा में की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन करना जारी रखेगा।' ईरानी दूतावास ने मोदी-पेजेश्कियान की मुलाकात पर क्या कहा?
ईरानी दूतावास ने आधिकारिक आकाउंट पर एक एससीओ बैठक को लेकर एक पोस्ट किया है। जिसमें राजनयिक ने कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान किर्गिस्तान की यात्रा पर पहली बार आए हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी से हुई। मुलाकात को लेकर रणधीर जायसवाल ने क्या कहा?
बिश्केक में आयोजित एससीओ समिट को लेकर भारतीय विदेश मंत्रायल के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ पीएम मोदी ने एक सार्थक बैठक की है। जायसवाल ने कहा दोनों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा हुई।
पीएम मोदी और पेजेश्कियान के बीच पहली बार आमने-सामने हुई बातचीत हुई है। इस मीटिंग का बड़ा जियोपॉलिटिकल महत्व है।
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियान से मिलकर ईरान को यह संदेश दिया है कि जंग किसी भी समस्या का हल नहीं है और बातचीत के जरिए ही तनाव को कम किया जाना चाहिए, ताकि यह संकट एक विनाशकारी 'क्षेत्रीय महायुद्ध' में न बदले।
📡 स्रोत: NewsData.io